मांस-मछली खाने में क्या होगी असुविधा- फुटपाथ से हटेगी सभी दुकानें, बिहार सरकार ला रही है नई योजना

  • Post By Admin on Mar 01 2026
मांस-मछली खाने में क्या होगी असुविधा- फुटपाथ से हटेगी सभी दुकानें, बिहार सरकार ला रही है नई योजना

बक्सर: बिहार सरकार की ‘सात निश्चय-3’ योजना के अंतर्गत मत्स्य व्यवसाय को संगठित और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। फुटपाथों पर लगने वाली मांस-मछली की दुकानों को व्यवस्थित करने की कवायद के बीच अब ‘सुधा’ दूध पार्लरों की तर्ज पर आधुनिक ‘फ्रेश कैच’ कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत बक्सर जिले से की जा रही है।

सरकार के ‘कृषि में प्रगति, प्रदेश की समृद्धि’ संकल्प के तहत डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से यह योजना लागू की जा रही है। ‘फ्रेश कैच’ कियोस्क के माध्यम से शहरी उपभोक्ताओं को स्वच्छ, ताजी और गुणवत्तापूर्ण मछली उपलब्ध कराई जाएगी। इससे जहां उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिलेगी, वहीं सड़कों और बाजारों में फैलने वाली गंदगी पर भी अंकुश लगेगा। योजना के तहत उन स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। नगर निकायों के व्यस्त बाजार, सार्वजनिक हाट, रेलवे कॉलोनियां, प्रमुख बस स्टैंड, पुलिस लाइन, केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों के परिसर तथा घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों में कियोस्क स्थापित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।

जिला मत्स्य पदाधिकारी आशुतोष प्रकाश ने नगर परिषद बक्सर और डुमरांव के कार्यपालक पदाधिकारियों को पत्र लिखकर उपयुक्त भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया है। प्रत्येक कियोस्क के लिए 15x15 वर्ग फुट जमीन की आवश्यकता होगी। विभाग ने अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) शीघ्र निर्गत करने को कहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से स्थानीय मत्स्य पालकों को सीधा बाजार उपलब्ध होगा और बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी। इससे उनकी आय में वृद्धि की संभावना है। साथ ही आधुनिक ढांचे में बिक्री होने से व्यापार में पारदर्शिता आएगी और स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित होगा।

प्रशासन ने परियोजना को ‘अति आवश्यक’ श्रेणी में रखा है। जिला पदाधिकारी और अपर समाहर्ता को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब देखना होगा कि भूमि आवंटन की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और ‘सात निश्चय-3’ का यह संकल्प कब धरातल पर पूरी तरह साकार होता है।