भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक बनी जोजिला टनल, ब्रेकथ्रू सफल
- Post By Admin on Jun 09 2026
श्रीनगर : भारत की बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी जोजिला सुरंग परियोजना ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली। कश्मीर और लद्दाख को हर मौसम में जोड़ने वाली इस रणनीतिक सुरंग का अंतिम ब्रेकथ्रू ब्लास्ट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 11,600 फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित लद्दाख के मिनिमार्ग में ईस्ट पोर्टल के पास रिमोट बटन दबाकर इस महत्वपूर्ण चरण को पूरा किया। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अक्टूबर 2020 में शुरू हुई यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।
करीब 13.153 किलोमीटर लंबी जोजिला सुरंग दुनिया की सबसे लंबी दो-तरफा यातायात वाली एकल ट्यूब सुरंग मानी जा रही है। इसके पूरा होने के बाद श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग को सालभर चालू रखने में मदद मिलेगी। वर्तमान में भारी बर्फबारी के कारण सर्दियों के दौरान यह मार्ग कई महीनों तक बंद रहता है, जिससे कश्मीर और लद्दाख के बीच संपर्क बाधित हो जाता है। परियोजना का सामरिक महत्व भी बेहद अहम माना जा रहा है। यह सुरंग लद्दाख क्षेत्र तक सेना और सैन्य सामग्री की तेज एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगी। पाकिस्तान और चीन की सीमाओं के नजदीक स्थित इस क्षेत्र में बेहतर संपर्क व्यवस्था देश की सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत बनाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, सुरंग के निर्माण में न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) का उपयोग किया गया है, जिसे हिमालयी क्षेत्रों की जटिल भौगोलिक परिस्थितियों के लिए उपयुक्त माना जाता है। हैदराबाद स्थित मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा इस परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। कंपनी के अधिकारियों ने इसे भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक बताते हुए कहा कि कठिन हिमालयी परिस्थितियों में सुरंग निर्माण का यह सफल चरण देश की इंजीनियरिंग क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
लद्दाख की सांसद हनीफा जान ने परियोजना को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि लंबे समय से लोग इस सुरंग की मांग कर रहे थे। इसके पूरा होने से न केवल आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक, खुदाई कार्य पूरा होने के बाद अब परियोजना तेजी से समापन की ओर बढ़ रही है। सुरंग चालू होने के बाद कश्मीर और लद्दाख के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।