किताबी ज्ञान से आगे चरित्र निर्माण है शिक्षा का लक्ष्य, डॉ. रविंद्र कान्हेरे ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
- Post By Admin on Sep 03 2026
मुजफ्फरपुर : विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कान्हेरे ने गुरुवार को सदातपुर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में विद्यार्थियों से संवाद किया। विशेष वंदना कार्यक्रम के बाद उन्होंने बच्चों से शिक्षा, संस्कार, अनुशासन, व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्रबोध जैसे विषयों पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के लक्ष्यों की जानकारी लेते हुए उन्हें निरंतर सीखने और अपनी प्रतिभा को सकारात्मक दिशा देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में लोक शिक्षा समिति, बिहार के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह, मुजफ्फरपुर जिला विभाग निरीक्षक राजेश रंजन, विद्यालय के प्रधानाचार्य विकास मिश्रा, भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के सचिव डॉ. ललित किशोर, विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रजनीश गुप्ता सहित विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के पदाधिकारी, आचार्य और शिक्षा जगत से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डॉ. कान्हेरे ने विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 सहित शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान हासिल करना या परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं है। शिक्षा के माध्यम से चरित्रवान, संस्कारवान, संवेदनशील, आत्मनिर्भर और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सवाल पूछने, नई चीजें सीखने और अपनी क्षमताओं को लगातार विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। विद्यार्थियों ने भी उत्साह के साथ उनसे विभिन्न विषयों पर सवाल किए।
शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय का किया अवलोकन
विद्यालय में कार्यक्रम के बाद डॉ. रविंद्र कान्हेरे ने सदातपुर स्थित भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय का अवलोकन किया। महाविद्यालय के सचिव डॉ. ललित किशोर और प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल ने उनका स्वागत किया तथा संस्थान की शैक्षणिक और प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी दी।
उन्होंने महाविद्यालय के विभिन्न विभागों, प्रशिक्षण व्यवस्थाओं और शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान आचार्यों और शिक्षक-प्रशिक्षुओं के साथ भी संवाद किया। डॉ. कान्हेरे ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षक निर्माण को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं है। वह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और जीवन-दृष्टि को दिशा देने वाला मार्गदर्शक भी होता है।
कार्यक्रम में लोक शिक्षा समिति, बिहार और विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के पदाधिकारियों के अलावा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। डॉ. कान्हेरे का मुजफ्फरपुर प्रवास विद्यालयी शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने को लेकर संवाद का अवसर बना। उनके साथ हुए संवाद से विद्यार्थियों, आचार्यों और शिक्षक-प्रशिक्षुओं में उत्साह का संचार हुआ।