ललित नारायण मिश्र की 103वीं जयंती पर तिरहुत महाविद्यालय में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित

  • Post By Admin on Feb 02 2026
ललित नारायण मिश्र की 103वीं जयंती पर तिरहुत महाविद्यालय में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित

मुजफ्फरपुर : ललित नारायण मिश्र की 103वीं जयंती के अवसर पर ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय परिसर में श्रद्धा और सम्मान का वातावरण देखने को मिला। महाविद्यालय स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पमालाएं अर्पित कर महाविद्यालय परिवार ने उन्हें नमन किया और उनके योगदान को याद किया। 

माल्यार्पण के उपरांत आयोजित विचार-गोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ललित बाबू केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि बिहार के सच्चे सपूत और दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता थे। उनकी सोच और कल्पनाशील दृष्टि का ही परिणाम रहा कि कोसी प्रमंडल सहित बिहार के सुदूर और पिछड़े इलाकों तक रेल सेवा का विस्तार संभव हो सका। उन्होंने विकास को केवल शहरों तक सीमित न रखकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को भी देश की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया।

वक्ताओं ने उस दौर की राजनीति को याद करते हुए भावुक स्वर में कहा कि यदि ललित बाबू कुछ वर्ष और देश को नेतृत्व प्रदान करते, तो न केवल भारतीय राजनीति में उनका कद और ऊंचा होता, बल्कि बिहार का सामाजिक-आर्थिक नक्शा भी आज कहीं अधिक सशक्त और विकसित नजर आता। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के कई वरिष्ठ शिक्षकों ने अपने विचार रखते हुए ललित बाबू के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। वहीं छात्र-छात्राओं ने भी उनके जीवन, संघर्ष और राष्ट्रनिर्माण में दिए गए योगदान को प्रेरणास्रोत बताया। इस अवसर पर एनसीसी के कैडेटों ने उन्हें सम्मानपूर्वक सलामी दी, जिससे कार्यक्रम में अनुशासन और गौरव का भाव और प्रबल हो उठा।

समारोह का मंच संचालन डॉ. ममता ने कुशलता से किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जितेंद्र कुमार मिश्रा ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने ललित नारायण मिश्र के आदर्शों को आत्मसात करने और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।