कठपुतली संवाद कार्यक्रम में शांति गुप्ता सम्मान से नवाजे गए नाट्य निर्देशक प्रमोद आजाद

  • Post By Admin on Feb 24 2026
कठपुतली संवाद कार्यक्रम में शांति गुप्ता सम्मान से नवाजे गए नाट्य निर्देशक प्रमोद आजाद

मुजफ्फरपुर : मंगलवार को मालीघाट में एक्टिविस्ट 100 के संयोजक सोनू सरकार की अध्यक्षता में “कठपुतली संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक लोक कला के संरक्षण और संवर्धन पर विस्तृत चर्चा की गई तथा कला क्षेत्र में योगदान के लिए नाट्य निर्देशक प्रमोद आजाद को ‘कठपुतली कलाकार शांति गुप्ता सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सोनू सरकार ने कहा कि भारत कठपुतली कला की मातृभूमि होने के बावजूद आज की पीढ़ी इस अद्भुत लोक कला से लगभग अनभिज्ञ होती जा रही है। उन्होंने चिंता जताई कि पिछले कई वर्षों में नई पीढ़ी ने कठपुतली प्रदर्शन को करीब से देखा तक नहीं है, जिससे यह परंपरागत कला धीरे-धीरे हाशिए पर जा रही है।

सरला श्रीवास सामाजिक सांस्कृतिक शोध संस्थान के संयोजक एवं कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने कठपुतली कला की पौराणिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मान्यता है कि माता पार्वती को प्रसन्न करने हेतु देवों के देव महादेव ने काष्ठ की मूर्ति में प्रवेश कर कठपुतली कला की शुरुआत की थी। इससे स्पष्ट होता है कि यह कला भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है।

लोक गायिका अनिता कुमारी ने कहा कि कठपुतली कला रचनात्मकता और सरलता का अद्भुत संगम है, जो बच्चों और वयस्कों दोनों को समान रूप से आकर्षित करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन परिवारों और बच्चों के लिए शैक्षिक एवं व्यावहारिक अवसर प्रदान करते हैं, जिससे वे इस समृद्ध परंपरा को समझ सकें।

सम्मानित नाट्य निर्देशक प्रमोद आजाद ने अपने संबोधन में कहा कि कठपुतली के माध्यम से बच्चों में सर्जनात्मकता और जिज्ञासा का विकास होता है। पुतलियों के निर्माण और उनके जरिए विचारों के संप्रेषण की प्रक्रिया बच्चों के व्यक्तित्व के चहुँमुखी विकास में सहायक होती है।

कार्यक्रम के दौरान प्रमोद आजाद, सोनू सरकार और विनोद कुमार रजक को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन सरला श्रीवास युवा मंडल की अध्यक्ष सुमन कुमारी ने किया। उन्होंने बताया कि आगामी 21 मार्च को सरला श्रीवास की पुण्यतिथि विश्व कठपुतली दिवस के रूप में मनाई जाएगी।