जीवित वृद्ध महिला को मृत बताकर रोकी गई पेंशन, मामला पहुँचा मानवाधिकार आयोग
- Post By Admin on Jun 08 2026
मुजफ्फरपुर: जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ विभागीय लापरवाही के कारण एक जीवित वृद्ध महिला को मृत घोषित कर दिया गया। इस गलती की वजह से महिला की वृद्धा पेंशन बंद कर दी गई है, जिससे वह पिछले कई महीनों से परेशानियों का सामना कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के संजय सिनेमा रोड निवासी 75 वर्षीय विधवा महिला पवितर देवी को विभागीय रिकॉर्ड में मृत दर्शा दिया गया है। इसके बाद उन्हें मिलने वाली वृद्धा पेंशन की राशि रोक दी गई। पीड़िता का कहना है कि वह लगातार कार्यालयों का चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। वृद्ध महिला ने भावुक होकर कहा कि “मैं जिंदा हूँ, लेकिन विभाग ने मुझे कागजों में मृत बना दिया है। लोग अब मजाक में मुझे भूत बुलाने लगे हैं। महीनों से पेंशन नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट गहरा गया है।”
थक-हारकर पीड़िता ने मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा के माध्यम से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग, पटना में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई है। मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर और मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर उसकी पेंशन रोक देना प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने आयोग से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा पीड़िता को शीघ्र राहत दिलाने की मांग की है।
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी विभागीय कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में ऐसी गंभीर त्रुटियां गरीब और बुजुर्ग लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती हैं।