बिहार की प्रसिद्ध महाधिरानी काम सुंदरी देवी का श्राद्धकर्म राजशाही परंपरा से होगा संपन्न, 13 दिनों का विशेष अनुष्ठान तय

  • Post By Admin on Jan 15 2026
बिहार की प्रसिद्ध महाधिरानी काम सुंदरी देवी का श्राद्धकर्म राजशाही परंपरा से होगा संपन्न, 13 दिनों का विशेष अनुष्ठान तय

दरभंगा : दरभंगा महाराजाधिराज स्व. कामेश्वर सिंह की तीसरी और अंतिम पत्नी महाधिरानी काम सुंदरी देवी (93) के निधन के बाद उनका श्राद्धकर्म राजशाही ठाठ–बाट और परंपरागत विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाएगा। इसे लेकर महाधिरानी के पौत्र राजकुमार कपिलेश्वर सिंह ने औपचारिक निर्णय ले लिया है। दिल्ली से दरभंगा पहुंचने के बाद उन्होंने मुखाग्नि देने वाले अपने चचेरे बड़े भाई रत्नेश्वर सिंह से कल्याणी निवास में मुलाकात की, जहां परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ 13 दिनों तक चलने वाले क्रम और श्राद्धकर्म की विस्तृत रूपरेखा तय की गई।

राजकुमार कपिलेश्वर सिंह ने कहा कि श्राद्धकर्म की तैयारी में किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने पद्धति के अनुसार क्रम करने की जिम्मेदारी बड़े भाई रत्नेश्वर सिंह को सौंपी, जबकि स्वयं समस्त व्यवस्थाओं और तैयारियों की जिम्मेदारी संभालने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने माधेश्वर मंदिर परिसर में महाधिरानी की चिता स्थल पर एक मंदिर निर्माण कराने और वहां एक अतिरिक्त हनुमान मंदिर के निर्माण की भी घोषणा की है, जिसे परिवार की ओर से श्रद्धांजलि स्वरूप देखा जा रहा है।

इधर, मुखाग्नि देने के बाद महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह के छोटे भाई राजबहादुर विश्वेश्वर सिंह के पौत्र रत्नेश्वर सिंह कल्याणी निवास में शिफ्ट हो गए हैं। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी भी मौजूद हैं। कर्मकांड की अवधि के दौरान उनकी देखरेख और आवश्यक सेवाओं के लिए लगभग एक दर्जन लोगों की व्यवस्था की गई है। उल्लेखनीय है कि कल्याणी निवास ही महाधिरानी का निवास स्थान था और यहीं उन्होंने सोमवार की सुबह अंतिम सांस ली थी। इसी कारण मुखाग्नि देने वाले परिजन भी वहीं स्थानांतरित हुए हैं।

महाधिरानी काम सुंदरी देवी के श्राद्धकर्म में देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित हस्तियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए शोक-पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, कई केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी और देश के विभिन्न राजघरानों के सदस्य दरभंगा पहुंचकर राजपरिवार को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसको देखते हुए शहर के कई प्रमुख और चर्चित होटलों को पहले से बुक कराने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है।बताया जाता है कि श्राद्धकर्म संपन्न होने के बाद कल्याणी निवास का स्वामित्व महाधिरानी के पौत्र राजकुमार कपिलेश्वर सिंह और उनके भाइयों को प्राप्त हो जाएगा। महाराजाधिराज स्व. कामेश्वर सिंह द्वारा इसे लेकर पहले ही डीड तैयार कर दी गई थी। हालांकि, महारानी के साथ उनकी बहन के पुत्र के भी लंबे समय तक साथ रहने के कारण भविष्य में संपत्ति को लेकर किसी विवाद की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, महाधिरानी काम सुंदरी देवी का श्राद्धकर्म न केवल एक पारिवारिक अनुष्ठान होगा, बल्कि दरभंगा राजपरंपरा की भव्यता और ऐतिहासिक विरासत का भी एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।