सिल्क सिटी को मिलेगी नई रफ्तार, छह राष्ट्रीय राजमार्गों का मिलन बनेगा विकास की धुरी
- Post By Admin on Apr 28 2026
भागलपुर: अब पूर्वी बिहार के विकास मानचित्र पर तेजी से उभरता हुआ केंद्र बनता नजर आ रहा है। जिले को राष्ट्रीय राजमार्गों के बड़े जंक्शन के रूप में विकसित करने की दिशा में काम तेज हो गया है। आने वाले समय में यहां छह प्रमुख नेशनल हाईवे का मिलन होगा, जिससे भागलपुर की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, भागलपुर से एनएच-80, एनएच-31, एनएच-133ई, एनएच-131बी, मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन (एनएच-333ए) और प्रस्तावित बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे गुजरेंगे। इन सभी मार्गों के एक साथ जुड़ने से भागलपुर न सिर्फ बिहार बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से सीधे सड़क मार्ग से जुड़ जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद “सिल्क सिटी” के रूप में प्रसिद्ध भागलपुर का व्यापारिक दायरा काफी बढ़ेगा। परिवहन सुविधाएं बेहतर होने से बाजार का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से भी कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। विक्रमशिला सेतु के समानांतर एक नया फोरलेन पुल बनाया जा रहा है, जो एनएच-31 और एनएच-80 को जोड़ेगा। इसके अलावा मुंगेर पुल से मिर्जाचौकी तक फोरलेन सड़क (एनएच-333ए) का निर्माण भी अंतिम चरण में है, जिससे झारखंड और बंगाल से संपर्क और आसान होगा।
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे भी इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा। लगभग 350 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे बनने के बाद पूर्वांचल और बिहार के बीच आवागमन और तेज हो जाएगा। वहीं, कहलगांव-कुरसेला-फारबिसगंज फोरलेन सड़क और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जोगबनी तक संपर्क स्थापित करने की योजना भी तैयार की जा रही है। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद भागलपुर पूर्वी बिहार का पहला ऐसा जिला बन जाएगा, जहां एक साथ कई राष्ट्रीय राजमार्ग एक-दूसरे को क्रॉस करेंगे। इससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी। कुल मिलाकर, भागलपुर अब केवल एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर ही नहीं, बल्कि आने वाले समय में बिहार के प्रमुख ट्रांसपोर्ट और आर्थिक हब के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है।