जलकुंभी और प्रदूषण से घुटा सिकंदरपुर मन का दम, तड़प-तड़प कर मर रहीं मछलियां

  • Post By Admin on Jul 01 2026
जलकुंभी और प्रदूषण से घुटा सिकंदरपुर मन का दम, तड़प-तड़प कर मर रहीं मछलियां

मुजफ्फरपुर : जिले की ऐतिहासिक सिकंदरपुर मन (झील) में लगातार बढ़ते प्रदूषण और भीषण गर्मी के कारण जलीय जीवन पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। झील में ऑक्सीजन की भारी कमी होने से बड़ी संख्या में मछलियां मर रही हैं, जिससे मत्स्य पालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना शोधन के शहर के बड़े नालों का गंदा पानी सीधे झील में गिरने और जलकुंभी के अत्यधिक फैलाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

झील के किनारे और पानी की सतह पर रेहू, कतला समेत विभिन्न प्रजातियों की मृत मछलियां तैरती दिखाई दे रही हैं। मछुआरों के अनुसार पिछले कई दिनों से हजारों मछलियां दम तोड़ रही हैं, जिससे उनकी आजीविका पर संकट गहरा गया है। अप्रैल महीने में भी इसी तरह मछलियों की मौत का मामला सामने आया था, लेकिन इसके बावजूद स्थिति सुधारने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्व मृत मछलियों को चोरी-छिपे बाजार में बेच रहे हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा सकता है। उन्होंने प्रशासन से इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

इधर, स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सिकंदरपुर मन को विकसित करने और सौंदर्यीकरण के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर झील की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। झील का बड़ा हिस्सा जलकुंभी से ढका है, जबकि गंदगी और सीवेज के कारण पानी की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से झील की सफाई, प्रदूषण रोकने और जलीय जीवों के संरक्षण के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।