राष्ट्रीय वन शहीद दिवस पर पर्यावरण भारती ने लगाए 15 पौधे, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
- Post By Admin on Sep 11 2026
लखीसराय : राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर पर्यावरण भारती की ओर से चानन प्रखंड के बिछबे में पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान देव वृक्ष पीपल के तीन, फलदार आम के आठ और सेमल के चार पौधे लगाए गए। अभियान का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी हिमालय ने किया, जबकि अरविंद कुमार ने सहयोग किया।
पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली के सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से संस्था वर्ष 2008 से लगातार पौधारोपण अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को हरा-भरा और सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण एवं संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी होगी। प्रकृति के साथ असंतुलन बढ़ने पर गंभीर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है।नउन्होंने कहा कि राष्ट्रीय वन शहीद दिवस का उद्देश्य जंगल, पेड़ और वन्यजीवों की रक्षा के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले वन अधिकारियों, वन रक्षकों और स्थानीय लोगों के बलिदान को याद करना तथा समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। 11 सितंबर 1730 को राजस्थान के जोधपुर के खेजड़ली गांव में अमृता देवी बिश्नोई ने खेजड़ी वृक्षों की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया था। इसके बाद 360 अन्य लोगों ने भी हरे वृक्षों को बचाने के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उनके बलिदान की स्मृति में 11 सितंबर को राष्ट्रीय वन शहीद दिवस मनाया जाता है। इसका आधिकारिक निर्णय वर्ष 2013 में हुआ और वर्ष 2014 में पहली बार इस दिवस का आयोजन किया गया।
राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि इस दिवस के माध्यम से पेड़ों की अंधाधुंध कटाई रोकने और नागरिकों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाने का संदेश दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन, जल, फल और कई औषधीय संसाधन प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से वृक्षों से जुड़े हैं। इसलिए हरे-भरे पेड़ों को काटने के बजाय उनके संरक्षण पर जोर देना चाहिए और केवल सूखे पेड़ों की लकड़ी का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताते हुए अमृता देवी बिश्नोई के साहस से प्रेरणा लेने की अपील की। पौधारोपण अभियान में अरविंद कुमार, हिमालय, राजेश कुमार, राम बिलास शाण्डिल्य, अनुज कुमार, अक्षत राज, गोपाल कुमार सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।