राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी में मुजफ्फरपुर के अंकित को राष्ट्रपति गिल्ड सम्मान

  • Post By Admin on Jan 15 2026
राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी में मुजफ्फरपुर के अंकित को राष्ट्रपति गिल्ड सम्मान

मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर के युवा मोटिवेटर और संगीत शिक्षक अंकित कुमार शर्मा को प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी में विशेष सम्मान से नवाजा गया है। यह जंबूरी 9 से 13 जनवरी तक छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दुधली गांव में आयोजित की गई, जिसमें देशभर से 15 हजार से अधिक रोवर-रेंजर्स सहित श्रीलंका के प्रतिभागियों ने भी भाग लिया।

इस राष्ट्रीय जंबूरी का उद्देश्य युवाओं में आत्मनिर्भरता, टीम भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना रहा। शिविर का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल ने किया, जबकि समापन समारोह में राज्य के माननीय मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। इसी दौरान बिहार राज्य के 2016 बैच के राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित अंकित कुमार शर्मा को भारत स्काउट और गाइड के राष्ट्रीय मुख्यालय द्वारा विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।

अंकित कुमार शर्मा को न केवल प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का राष्ट्रीय स्तरीय प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, बल्कि इसी अवसर पर आयोजित “प्रथम राष्ट्रपति गिल्ड सम्मेलन” में उन्हें “राष्ट्रपति गिल्ड” के रूप में शामिल करते हुए राष्ट्रपति गिल्ड बैच से भी सम्मानित किया गया। यह सम्मान मुजफ्फरपुर जिले के लिए गौरव का विषय बना है।

उल्लेखनीय है कि अंकित कुमार शर्मा इससे पहले भी जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई बार सम्मानित हो चुके हैं। विद्यार्थी जीवन से लेकर वर्तमान में एक संगीत शिक्षक के रूप में वे समाज सेवा, स्काउट-गाइड गतिविधियों और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके योगदान के लिए उन्हें विभिन्न पदाधिकारियों के साथ-साथ भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्वारा भी सम्मान प्राप्त हो चुका है।

सम्मान मिलने के बाद अंकित कुमार शर्मा ने कहा कि राष्ट्रपति पुरस्कार भारत के सर्वोच्च सम्मानों में से एक है और इससे सम्मानित होना उनके लिए गर्व की बात है। यह सम्मान उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति, भारत स्काउट और गाइड के राष्ट्रीय मुख्यालय तथा छत्तीसगढ़ राज्य का आभार जताया।

उन्होंने यह भी कहा कि इस राष्ट्रीय जंबूरी ने देश के सभी राज्यों को एकता के सूत्र में बांधा और विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों व परंपराओं को एक साथ देखने का अवसर प्रदान किया। इस उपलब्धि से पूरे मुजफ्फरपुर जिले में हर्ष और गौरव का माहौल है।