प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड पहुँचा मानवाधिकार आयोग, रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की उठी मांग

  • Post By Admin on Jun 04 2026
प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड पहुँचा मानवाधिकार आयोग, रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की उठी मांग

मुजफ्फरपुर: ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड और मरीजों की दर्दनाक मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली तथा राज्य मानवाधिकार आयोग, पटना तक पहुंच गया है। घटना को लेकर जिले के मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एस.के. झा ने दोनों आयोगों में याचिका दायर कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

गौरतलब है कि गुरुवार, 4 जून 2026 को प्रसाद हॉस्पिटल में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई थी। हादसे में कई मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य को गंभीर हालत में दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इस घटना ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और फायर सेफ्टी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीज पूरी तरह अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे तौर पर मानव जीवन के साथ खिलवाड़ है।

उन्होंने राष्ट्रीय एवं राज्य मानवाधिकार आयोग से मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी रिटायर्ड जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने दोषी अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की भी मांग उठाई है। एस.के. झा ने कहा कि यदि समय रहते अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता से जांच होती और फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाता, तो शायद इतनी बड़ी त्रासदी टाली जा सकती थी। उन्होंने प्रशासन से जिले के सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और बहुमंजिला संस्थानों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराने की भी मांग की है।

अब यह मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंचने के बाद प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी कई सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आयोग इस गंभीर मामले में क्या रुख अपनाता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।