डकरा में 300 एकड़ खेतों के जलजमाव का होगा स्थायी समाधान, डीएम ने किया स्थल निरीक्षण

  • Post By Admin on Jul 11 2026
डकरा में 300 एकड़ खेतों के जलजमाव का होगा स्थायी समाधान, डीएम ने किया स्थल निरीक्षण

लखीसराय : सहयोग पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने शनिवार को रामगढ़ प्रखंड की औरे पंचायत अंतर्गत डकरा गांव का निरीक्षण कर कृषि भूमि में जलजमाव की समस्या का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण में अपर समाहर्ता, अधीक्षण अभियंता सिंचाई अंचल जमुई, कार्यपालक अभियंता सिंचाई प्रमंडल सिकंदरा एवं जमुई, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई प्रमंडल लखीसराय, अंचल अधिकारी रामगढ़, संबंधित अभियंता, शिकायतकर्ता शत्रुघ्न सिंह तथा स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को बताया कि खरीफ मौसम में करीब 300 एकड़ कृषि भूमि में जलजमाव होने से धान की कटाई में विलंब होता है, जिसके कारण रबी फसल विशेषकर गेहूं की समय पर बुआई नहीं हो पाती और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

स्थल निरीक्षण, प्राकृतिक ढाल एवं तकनीकी समीक्षा के बाद अधिकारियों ने सुझाव दिया कि रामगढ़ शाखा नहर के किलोमीटर 17.27 से 18.07 तथा मोरमा वितरणी के किलोमीटर 0.00 से 0.60 के बाएं किनारे लगभग 1400 मीटर लंबा पइन (कच्चा नाला) बनाकर अतिरिक्त पानी को मोरमा वितरणी में प्रवाहित किया जाए। इससे लगभग 300 एकड़ कृषि भूमि को जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत मिलने की संभावना है।जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, लखीसराय को प्रस्तावित योजना का विस्तृत प्राक्कलन एवं तकनीकी प्रतिवेदन शीघ्र तैयार कर सक्षम प्राधिकार को भेजने का निर्देश दिया। वहीं कार्यपालक अभियंता, सिंचाई प्रमंडल, सिकंदरा को आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि योजना का कार्य समय पर शुरू हो सके।

निरीक्षण के दौरान सिंचाई प्रमंडल, जमुई के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि नहर की चार्ट भूमि पर वृक्षारोपण के लिए वन विभाग को भूमि हस्तांतरित की जानी है, जिसके लिए संबंधित भूमि का खाता, खेसरा, रकबा एवं अन्य राजस्व अभिलेख आवश्यक हैं। इस पर जिलाधिकारी ने रामगढ़, चानन, लखीसराय एवं सूर्यगढ़ा के अंचल अधिकारियों को आवश्यक अभिलेख शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजना की स्वीकृति, आवश्यक औपचारिकताओं एवं कार्यान्वयन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को जलजमाव की समस्या से शीघ्र और स्थायी राहत दिलाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।