राजकीय डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र शुरू करने की तैयारियां तेज, एसडीओ ने लिया जायजा

  • Post By Admin on Jul 11 2026
राजकीय डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र शुरू करने की तैयारियां तेज, एसडीओ ने लिया जायजा

लखीसराय : जिले के नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नियमित पठन-पाठन शुरू कराने की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश एवं जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार के आदेश पर गठित अनुश्रवण-सह-क्रियान्वयन समिति ने शनिवार को प्रस्तावित महाविद्यालय परिसरों का निरीक्षण कर आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण दल का नेतृत्व अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार ने किया। उन्होंने हलसी प्रखंड के तरहारी स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय तथा रामगढ़ चौक स्थित प्रस्तावित राजकीय डिग्री महाविद्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान भवनों की संरचनात्मक स्थिति, कक्षाओं की उपलब्धता, प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय के लिए निर्धारित स्थान, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, आवागमन सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का गहन मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के दौरान यह भी समीक्षा की गई कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर महाविद्यालयों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कराई जा सकें।

एसडीओ ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निरीक्षण में चिन्हित कमियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी।

जिला प्रशासन ने बताया कि नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में निर्धारित तिथि से निर्बाध पठन-पाठन सुनिश्चित करने के लिए अनुश्रवण-सह-क्रियान्वयन समिति नियमित अंतराल पर निरीक्षण करती रहेगी। समिति उपलब्ध संसाधनों की सतत समीक्षा, विभागीय समन्वय तथा अधोसंरचनात्मक कार्यों की निगरानी करेगी, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके और जिले में उच्च शिक्षा के विस्तार के राज्य सरकार के संकल्प को प्रभावी रूप से साकार किया जा सके।