सफाई कर्मियों की हड़ताल से पटना बेहाल, शहरभर में कचरे के अंबार, स्वास्थ्य संकट गहराया
- Post By Admin on Aug 03 2026
पटना: बिहार की राजधानी पटना में नगर निगम के सफाई कर्मियों और वाहन चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मुख्य सड़कों, बाजारों और गली-मोहल्लों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मानसून के दौरान खुले में पड़े कचरे से उठ रही दुर्गंध और जलजमाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
हड़ताल के कारण डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और नियमित सफाई का कार्य ठप हो गया है। परिणामस्वरूप प्रतिदिन निकलने वाला सैकड़ों टन ठोस कचरा शहर के विभिन्न इलाकों में जमा हो रहा है। कंकड़बाग, बांकीपुर, राजेंद्र नगर, किदवईपुरी, अशोक राजपथ समेत कई प्रमुख क्षेत्रों में कचरे के अंबार लगे हैं। बारिश के मौसम में सड़कों पर जमा कचरा और जलभराव के कारण मक्खी-मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही कचरे का निस्तारण नहीं किया गया, तो डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और दस्त जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का असर शहर के व्यापारिक क्षेत्रों पर भी दिखाई देने लगा है। कई बाजारों में दुर्गंध और गंदगी के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों और दुकानों के आसपास फैली बदबू के कारण खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने की नौबत आ गई है। बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ और संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर करीब 5,000 से अधिक सफाई कर्मचारी और वाहन चालक हड़ताल पर हैं। आंदोलनकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में आउटसोर्स कर्मियों का नगर निगम में स्थायी समायोजन, दैनिक एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित कर्मियों के समान वेतन, तथा एसीपी/एमएसीपी समेत अन्य सेवा लाभों को लागू करना शामिल है।
हड़ताल के चलते राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है। नगर निगम प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू करने का दावा किया है। निगम अधिकारियों के अनुसार निजी एजेंसियों और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से आवश्यक स्थानों से कचरा उठाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता कर जल्द समाधान निकालने की कोशिश भी जारी है। हालांकि, जब तक हड़ताल समाप्त नहीं होती, तब तक राजधानी की सफाई व्यवस्था सामान्य होने की संभावना कम दिखाई दे रही है। ऐसे में नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से बचें और स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।