महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर पर्यावरण भारती ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

  • Post By Admin on Jan 30 2026
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर पर्यावरण भारती ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

लखीसराय : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर लखीसराय जिले के वृन्दावन, कियूल में देव वृक्ष बरगद का पौधारोपण किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व शिक्षक चक्रधर मिश्र ने किया, जबकि आयोजन पर्यावरण भारती के तत्वावधान में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली के सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि भारत महापुरुषों का देश है और प्रत्येक युग में महामानवों का अवतार हुआ है। भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, गौतम बुद्ध, महावीर, बिरसा मुंडा जैसे महामानवों के आदर्श आज भी मानव समाज को दिशा देते हैं। उन्होंने बताया कि पर्यावरण भारती वर्ष 2008 से ही देव मानव एवं महामानवों की पुण्य स्मृति में वृक्षारोपण अभियान चला रही है, ताकि मानव समाज को प्राकृतिक ऑक्सीजन मिल सके, जिसका विज्ञान के पास कोई विकल्प नहीं है।

राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि 30 जनवरी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है, इसलिए उनके स्मरण में देव वृक्ष बरगद का पौधारोपण किया गया। उन्होंने महात्मा गांधी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बापू का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था और उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। वे सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर भारत को स्वतंत्रता दिलाने वाले महान नेता थे।

उन्होंने बताया कि गांधी जी ने चंपारण से स्वतंत्रता आंदोलन का शुभारंभ किया और स्वदेशी आंदोलन को गति देने के लिए विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार का आह्वान किया। ग्राम स्वराज का उनका सपना आज भी प्रासंगिक है। दुर्भाग्यवश 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली के बिड़ला भवन में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद उनके अंतिम शब्द "हे राम" कहकर वे संसार से विदा हो गए। इसी कारण हर वर्ष 30 जनवरी को देशभर में शहीद दिवस एवं सर्वोदय दिवस मनाया जाता है।

पर्यावरणविद शैलेन्द्र प्रसाद ने कहा कि यदि महापुरुषों की स्मृति में व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जाए तो शीघ्र ही पर्यावरण संतुलन स्थापित हो सकता है और भावी पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा।

इस पौधारोपण कार्यक्रम में शिक्षक चक्रधर मिश्र, शैलेन्द्र प्रसाद, राम बिलास शाण्डिल्य, उत्तम कुमार, पीयूष कुमार, रौशन, अर्जुन, बिट्टू सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया और महात्मा गांधी के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।