गुरु-शिष्य परंपरा अनुदान विवाद में नई हलचल, मंत्रालय ने मांगे चार साल के दस्तावेज, कलाकारों को मिली आंशिक राहत

  • Post By Admin on Apr 11 2026
गुरु-शिष्य परंपरा अनुदान विवाद में नई हलचल, मंत्रालय ने मांगे चार साल के दस्तावेज, कलाकारों को मिली आंशिक राहत

पटना: गुरु-शिष्य परंपरा अनुदान को निरस्त किए जाने के मामले में अब एक नई हलचल देखने को मिल रही है। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार ने हाल ही में एक नई सूचना जारी कर उन सभी संस्थाओं से पिछले चार वर्षों के कार्यों से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं, जिनका अनुदान पूर्व में निरस्त कर दिया गया था। इस कदम को रंगकर्मी फिलहाल आंशिक राहत के रूप में देख रहे हैं, हालांकि अभी भी कई सवाल अनुत्तरित बने हुए हैं।

कलाकारों का कहना है कि मंत्रालय की इस नई सूचना से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि क्या सभी संस्थाओं का निरस्तीकरण वापस लिया जाएगा या फिर इसके पीछे कोई अन्य प्रक्रिया या कारण सामने आएगा। बावजूद इसके, देशभर से कलाकारों के एकजुट होकर दिल्ली पहुंचने के बाद इस मुद्दे पर समाधान की दिशा में पहल होती नजर आ रही है। गौरतलब है कि संस्कृति मंत्रालय द्वारा गुरु-शिष्य परंपरा अनुदान को देशभर के हजारों संस्थानों के लिए बंद कर दिया गया था, जिसमें बिहार की करीब 90 संस्थाएं भी प्रभावित हुई थीं। इस फैसले के विरोध में देश के 18 राज्यों से लगभग 250 कलाकार दिल्ली पहुंचे, जिनमें बिहार के करीब 20 रंगकर्मी भी शामिल थे। दिल्ली में वरिष्ठ रंगकर्मी मिथिलेश सिंह के मार्गदर्शन में कलाकारों ने सांसद मनोज तिवारी को एक ज्ञापन सौंपा। वहीं, मनीष जोशी, नीरज और डॉ. शैलेंद्र के साथ देशभर के कलाकारों ने मिलकर संस्कार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिजित गोखले को भी अपनी मांगों से अवगत कराया।

इधर बिहार में भी इस मुद्दे को लेकर सक्रियता देखी गई। भाजपा कला प्रकोष्ठ के प्रमुख वरुण कुमार सिंह, वरिष्ठ रंगकर्मी अभय सिन्हा, मिथिलेश सिंह, नवाब आलम, प्रमोद कुमार त्रिपाठी, अमन कुमार, जहांगीर खान, सनत कुमार, मनोज मानव और उदय कुमार सिंह ने माननीय विधायक एवं बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव को ज्ञापन सौंपा। साथ ही वरुण सिंह ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद को भी इस मामले से अवगत कराया। दिल्ली में बिहार का प्रतिनिधित्व करने वाले कलाकारों में आशिफ अली, अमित रौशन, अजय कुमार, डॉ. शैलेंद्र, गणेश गौरव, मिथिलेश सिंह, मो. जानी, सनत कुमार, मो. जहांगीर, आजाद हुसैन, पप्पू ठाकुर, हरिशंकर रवि, उदय कुमार सिंह, अजीत कुमार, भारतेन्दु चौहान, शशिकांत कुमार, हरिकिशोर ठाकुर, अंज़रुल हक़, जफर आलम सहित कई कलाकार शामिल रहे।

इस पूरे घटनाक्रम को कलाकार साझा संघ ने गंभीरता से लेते हुए कलाकारों से एकजुट रहने की अपील की है। संघ का कहना है कि यह केवल अनुदान का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक परंपरा और कलाकारों के अस्तित्व से जुड़ा सवाल है। ऐसे में सभी कलाकारों को मिलकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी, ताकि इस दिशा में ठोस समाधान निकल सके।