उज्ज्वला योजना के लाखों लाभार्थियों पर असर, सरकार ने जारी किया नया निर्देश
- Post By Admin on May 22 2026
पटना : प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाइ) और डीबीटीएल योजना के तहत एलपीजी सब्सिडी प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं के लिए अब आधार का बायोमीट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने इसके लिए 30 जून 2026 तक की समय सीमा निर्धारित की है। तय समय के भीतर सत्यापन नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की एलपीजी सब्सिडी बंद कर दी जायेगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम फर्जी लाभार्थियों को हटाकर वास्तविक उपभोक्ताओं तक योजना का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। तेल कंपनियों और गैस एजेंसियों को ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान कर जल्द से जल्द सत्यापन कराने के निर्देश दिये गये हैं। अधिकारियों के अनुसार जिन उपभोक्ताओं का वेरिफिकेशन नहीं होगा, उनकी सब्सिडी लंबित रखी जायेगी।
बताया गया है कि 30 जून से पहले बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन पूरा कराने वाले उपभोक्ताओं के खाते में रोकी गयी सब्सिडी भेज दी जायेगी। वहीं समय सीमा के बाद भी सत्यापन नहीं कराने वालों की लंबित सब्सिडी हमेशा के लिए समाप्त हो जायेगी। इसके अलावा डेडलाइन के बाद लिये गये गैस सिलेंडरों पर भी सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। बाद में सत्यापन कराने पर केवल उसी तारीख के बाद बुक किये गये सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभिन्न गैस एजेंसियों और इलाकों में विशेष शिविर लगाये जायेंगे। तेल कंपनियों के फील्ड अधिकारियों को लोगों को जागरूक करने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिये गये हैं। उपभोक्ताओं से अपील की गयी है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपनी गैस एजेंसी पहुंचकर आधार का बायोमीट्रिक सत्यापन करा लें।
अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार बिहार में तीनों सार्वजनिक तेल कंपनियों के कुल 120.75 लाख उज्ज्वला उपभोक्ता हैं। इनमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के सबसे अधिक 49.79 लाख कनेक्शन जारी किये गये हैं। इसके बाद भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) के 32.61 लाख और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) के 38.35 लाख कनेक्शन शामिल हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत वर्ष 2016 से अब तक राज्य के करोड़ों गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराये जा चुके हैं।