सावित्रीबाई फुले जयंती पर शिक्षा, समानता और संघर्ष का संदेश
- Post By Admin on Jan 03 2026
मुजफ्फरपुर : भारतीय नवजागरण की अग्रदूत एवं स्त्री शिक्षा की महान प्रणेता सावित्रीबाई फुले के जीवन और संघर्षों को स्मरण करते हुए ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO), ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन (AIDYO) एवं ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन (AIMSS) के संयुक्त तत्वावधान में सावित्रीबाई फुले जयंती समारोह का आयोजन जिला कार्यालय, मोतीझील, मुजफ्फरपुर में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता AIMSS की जिला संयोजक कंचन कुमारी ने की। समारोह को संबोधित करते हुए AIDYO के अखिल भारतीय कमेटी सदस्य कॉमरेड अरविंद कुमार ने कहा कि सावित्रीबाई फुले का संघर्ष आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने कहा कि समाज में आज भी भेदभाव, जातिवाद, क्षेत्रवाद और संप्रदायवाद हावी है, जिसके कारण सही और समतामूलक शिक्षा से छात्र-छात्राओं को वंचित किया जा रहा है।
कॉमरेड अरविंद कुमार ने कहा कि देश को भले ही राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्त हुई हो, लेकिन आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता आज भी अधूरी है। इसी का परिणाम है कि लूट, हत्या, अपराध, महँगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएँ चरम पर हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले को सच्ची श्रद्धांजलि वर्तमान पूँजीवादी शोषण के खिलाफ संगठित संघर्ष को आगे बढ़ाने में है।
वहीं AIDSO के राज्य उपाध्यक्ष शिवकुमार ने अपने संबोधन में कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन-संघर्ष आज भी हमें तमाम सामाजिक कुरीतियों, भेदभाव, हिंसा और अपराध के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि छात्र-छात्राओं के चरित्र का निर्माण और सत्य को समझने की क्षमता विकसित करना है। ऐसी शिक्षा को हर छात्र तक पहुँचाना ही सावित्रीबाई फुले के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
समारोह को ज्योति कुमारी, मीरा कुमारी, ललित कुमार झा, अली अख्तर, अमन कुमार झा, सिंधु कुमारी, मोहम्मद शाहबाज और सत्यम कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।