रक्षाबंधन पर पर्यावरण भारती ने बरगद को बांधा रक्षा सूत्र, देव वृक्षों के संरक्षण का लिया संकल्प
- Post By Admin on Aug 28 2026
लखीसराय : चानन प्रखंड के मननपुर में रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर पर्यावरण भारती संस्था की ओर से देव वृक्ष बरगद को रक्षा सूत्र बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस मौके पर संस्था के सदस्यों ने पेड़ों की सुरक्षा और नए पौधे लगाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने देव वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार में पीपल, बरगद, गूलर और पाकड़ को देव वृक्ष माना गया है। इन वृक्षों के बीज अत्यंत सूक्ष्म होते हैं, लेकिन विकसित होने पर ये विशालकाय रूप ले लेते हैं। इनकी न्यूनतम आयु 300 वर्ष होती है।
शाण्डिल्य ने इनके प्राकृतिक अंकुरण की अनोखी प्रक्रिया के बारे में बताते हुए कहा कि देव वृक्षों के नए पौधे सीधे गिरे हुए बीजों से नहीं उगते। जब पक्षी इनके फलों को खाते हैं और उनके पाचन तंत्र से होकर बीज गुजरते हैं, तभी उनमें अंकुरण की क्षमता आती है। पक्षियों के माध्यम से ही इन वृक्षों की वंश वृद्धि संभव हो पाती है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे पूर्वजों ने प्राकृतिक ऑक्सीजन और छाया के लिए देश के हर गांव और शहर में ये वृक्ष लगाए थे। आज की पीढ़ी को भी पूर्वजों से प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन में कम से कम एक देव वृक्ष जरूर लगाना चाहिए और अगले 5 वर्षों तक उसकी देखभाल करनी चाहिए। यही आज के समय में सच्चा मानव धर्म है। अगर समय रहते पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया, तो नेपाल जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है।
वृक्ष रक्षा हेतु आयोजित इस रक्षा बंधन कार्यक्रम में अजय कुमार, अभिजित कश्यप, विजय कुमार रवि, राम बिलास शाण्डिल्य, रणजीत कुमार महतो, शक्ति महतो, अक्षत राज और दीपक कुमार सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे।