एनएचएआई भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों की महापंचायत, चार गुना मुआवजे की मांग

  • Post By Admin on Aug 30 2026
एनएचएआई भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों की महापंचायत, चार गुना मुआवजे की मांग

लखीसराय : एनएचएआई द्वारा फोरलेन सड़क निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में रविवार को औरैया मोड़ पर खैरी, दामोदरपुर और औरैया मौजा के किसानों, व्यवसायियों एवं उद्यमियों की महापंचायत आयोजित की गई। बैठक में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और भूमि अधिग्रहण के एवज में नए सर्किल रेट के आधार पर चार गुना मुआवजा देने की मांग उठाई।

किसानों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है, वहां की जमीन आवासीय, औद्योगिक और व्यवसायिक श्रेणी की है। वर्तमान में भी इन क्षेत्रों में नए सर्किल रेट के अनुसार आवासीय और व्यवसायिक दर पर जमीन की खरीद-बिक्री हो रही है। इसके बावजूद एनएचएआई की ओर से पुराने सर्किल रेट का डेढ़ गुना मुआवजा देने का नोटिस दिए जाने का आरोप किसानों ने लगाया। किसानों ने इसे उनके हितों के खिलाफ बताते हुए विरोध जताया।

महापंचायत में किसानों ने मांग की कि भूमि का मूल्यांकन पुराने सर्किल रेट के बजाय नए सर्किल रेट के आधार पर किया जाए। आवासीय, औद्योगिक और व्यवसायिक श्रेणी की जमीन के लिए संबंधित दरों को आधार बनाते हुए सरकार के प्रावधान के अनुसार चार गुना मुआवजा दिया जाए। किसानों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर भूमि का सही मूल्यांकन करने और मुआवजा देने से पहले किसानों को संतुष्ट करने की भी मांग की।

किसानों ने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण के कारण जो लोग भूमिहीन और बेघर हो जाएंगे, उन्हें सरकार के गजट में वर्णित प्रावधानों के अनुसार पुनर्वास के लिए वैकल्पिक भूमि या जगह उपलब्ध कराई जाए। बैठक में किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में वे एनएचएआई को अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं होंगे। महापंचायत की अध्यक्षता लखीसराय के पूर्व उपसभापति और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरविंद कुमार ने की।

महापंचायत में अमित कुमार, किशोरी पासवान, रामाश्रय यादव, सकलदेव यादव, रंजन स्नेही, नवल किशोर, कामदेव शर्मा, विनोद यादव, आनंदी महतो, गिनौरी बिंद, श्री राम पासवान सहित बड़ी संख्या में किसान, व्यवसायी और उद्यमी मौजूद रहे। बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन और एनएचएआई की ओर से किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो हजारों की संख्या में किसान समाहरणालय में विशाल धरना देंगे। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो किसानों ने भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है।