लखीसराय में कानून-व्यवस्था की समीक्षा, मोबाइल नेटवर्क विस्तार और अपराध मामलों के निष्पादन पर भी मंथन
- Post By Admin on Sep 19 2026
लखीसराय : जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को जिला स्तरीय निगरानी समिति, विधि-व्यवस्था एवं अभियोजन से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के संचालन, दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क के विस्तार, गंभीर आपराधिक मामलों के निष्पादन, शस्त्र सत्यापन, भूमि विवाद और अभियोजन समेत विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिला स्तरीय निगरानी समिति की समीक्षा के दौरान थानों एवं अन्य संबंधित स्थलों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की जानकारी ली गई। डीएम ने सभी कैमरों का शत-प्रतिशत संचालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि खराब या बंद पड़े कैमरों को जल्द दुरुस्त कराया जाए। विशेष केंद्रीय सहायता योजना के तहत थानों में लगाए गए कैमरों की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत 123 सीसीटीवी कैमरे गैर-कार्यरत बताए गए हैं। इस संबंध में सरकार को पत्र भेजने का निर्देश दिया गया। वहीं, थानों के करीब 40 कैमरों के खराब होने की जानकारी दी गई, जिन्हें अगली बैठक से पहले ठीक कराने को कहा गया। डीएम ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों का सुचारु संचालन विधि-व्यवस्था और पुलिसिंग की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। कैमरों के संचालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध गृह विभाग को पत्र भेजने की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि सीसीटीवी कैमरों के संचालन की यह समीक्षा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में की जा रही है।
बैठक में जिले के दूरस्थ एवं सेवा-वंचित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क के विस्तार की भी समीक्षा हुई। बताया गया कि तीन स्थानों पर मोबाइल नेटवर्क विस्तार के लिए भारत सरकार को पत्र भेजा गया है, जबकि चार स्थानों के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध करा दी गई है। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की ओर से तीन नए स्थलों पर सिग्नल की जांच की जा चुकी है। इनमें लठिया कोडासी, हनुमान स्थान और श्रृंगी ऋषि धाम शामिल हैं। शेष चार स्थलों पर टावर लगाने के लिए पूर्व में मिली स्वीकृति के आधार पर जिला प्रशासन की ओर से भूमि आवंटित कर दी गई है।
विधि-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान हत्या, बलात्कार, लूट, डकैती, फिरौती के लिए अपहरण, पॉक्सो, एससी/एसटी अधिनियम और साइबर अपराध से जुड़े मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम ने लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन के साथ वारंट की कार्रवाई तथा कुर्की-जप्ती के तामिला में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में लाइसेंसी और जब्त हथियारों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिले में कुल 686 शस्त्र और 608 लाइसेंस होने की जानकारी दी गई। प्रतिवेदित माह तक 638 शस्त्रों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा अवैध हथियार एवं विस्फोटक पदार्थों की बरामदगी तथा शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की भी समीक्षा की गई।
भूमि विवाद से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने जिले के ऐसे गांवों की सूची तैयार करने को भी कहा, जहां पिछले पांच वर्षों में कोई कांड दर्ज नहीं हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में बेहतर पुलिसिंग के साथ जनसहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा निर्वाचन संबंधी कांडों के निष्पादन, शराब एवं गांजा विनष्टीकरण, अभियोजन की स्थिति तथा खनन टास्क फोर्स की कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने तथा विभागीय समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में अपर समाहर्ता नीराज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शिवम कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा राहुल कुमार, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, सिविल सर्जन जय प्रकाश सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी मुकुल पंकज मणि, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, नजारत उपसमाहर्ता प्राची कुमारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।