अनशनकारी छात्रों से राज्यपाल की 2 घंटे वार्ता, भर्ती नियमों में बदलाव का मिला आश्वासन

  • Post By Admin on Aug 25 2026
अनशनकारी छात्रों से राज्यपाल की 2 घंटे वार्ता, भर्ती नियमों में बदलाव का मिला आश्वासन

पटना : गर्दनीबाग में पिछले 21 दिनों से अनशन कर रहे ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च एसोसिएशन के छात्रों और बिहार के राज्यपाल के बीच हुई करीब दो घंटे की वार्ता के बाद कई मांगों पर सहमति बनी। वार्ता के बाद छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अनशन समाप्त करने का आश्वासन दिया।

वार्ता में सहायक प्राध्यापक भर्ती परिनियम, 2026 को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय पर सहमति बनी। तय किया गया कि एसोसिएशन की प्रमुख मांगों पर विचार कर आवश्यक संशोधन किए जाने तक 2026 के परिनियम को स्थगित रखा जाएगा। इसके आधार पर सहायक प्राध्यापक की नियमित या संविदा बहाली नहीं की जाएगी। एसोसिएशन की मांगों पर विचार करने के लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री से विमर्श के बाद 15 दिनों के भीतर एक समिति का गठन करेंगे। समिति में प्रमुख शिक्षाविदों के साथ शिक्षा क्षेत्र में अनुभव रखने वाले प्रशासकों को शामिल किया जाएगा। समिति सहायक प्राध्यापक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा करेगी।

समिति के समक्ष सहायक प्राध्यापक पद के लिए अधिकतम उम्र सीमा 55 वर्ष करने की मांग रखी गई है। भर्ती के लिए वस्तुनिष्ठ लिखित परीक्षा आयोजित करने, परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के एपीआई की गणना करने तथा लिखित परीक्षा और एपीआई के अंकों को जोड़कर समेकित मेरिट सूची तैयार करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसी मेरिट के आधार पर निर्धारित संख्या में अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाने और साक्षात्कार में टीचिंग डेमो शामिल करने पर भी विचार किया जाएगा।

एपीआई की गणना को लेकर भी कई मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया। इसमें मैट्रिक और इंटरमीडिएट के अंकों को एपीआई में शामिल नहीं करने की मांग प्रमुख है। नेट और जेआरएफ की अधिमानता 11 तक रखने तथा पीएचडी की अधिमानता 30 से कम नहीं करने की मांग रखी गई। शोध प्रकाशन और अनुभव को भी एपीआई स्कोर में शामिल करने पर विचार होगा, लेकिन इसके लिए शोध प्रकाशन और अनुभव की स्पष्ट परिभाषा तय करने की बात कही गई, ताकि प्रक्रिया में किसी तरह की अस्पष्टता या अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

अतिथि सहायक प्राध्यापकों से जुड़ी मांगों पर भी समिति विचार करेगी। इनमें वर्तमान में बहाल संविदा सहायक प्राध्यापकों की तरह अतिथि सहायक प्राध्यापकों को न्यूनतम वेतनमान और उस पर महंगाई भत्ता देने, सभी विश्वविद्यालयों में नवीकरण की प्रक्रिया एक समान करने तथा उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्र, शोध पत्र और अनुभव की उचित जांच के बाद 65 वर्ष की उम्र तक कार्य करने का अवसर देने की मांग शामिल है। इसके अलावा अनशनकारी छात्रों के इस सुझाव पर भी विचार किया गया कि सहायक प्राध्यापक पद की अधिकतम उम्र सीमा को एक बार में कम करने के बजाय धीरे-धीरे घटाया जाए। साथ ही इस अवधि में सहायक प्राध्यापकों की नियमित बहाली प्रत्येक वर्ष रिक्त पदों के विरुद्ध किए जाने का सुझाव दिया गया।

राज्यपाल के साथ वार्ता में एसोसिएशन की ओर से शिक्षक प्रतिनिधि एमएलसी जीवन कुमार, अतिथि सहायक प्राध्यापक डॉ. कुंदन सिंह, डॉ. उमेश कुमार, डॉ. विभा रानी तथा शोध छात्र आशीष कुमार और मोनू कुमार राय शामिल रहे। वार्ता के बाद अनशनकारी छात्रों ने अनशन वापस लेने का आश्वासन दिया।