गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी, प्रमाणित बीज पर मिलेगा अनुदान, नई चीनी मिल के लिए भूमि तलाश शुरू
- Post By Admin on Jul 29 2026
मुजफ्फरपुर: जिले में गन्ना किसानों के लिए राहत और नई उम्मीदों की खबर है। लंबे समय से बंद पड़ी मोतीपुर चीनी मिल को दोबारा चालू करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। इसके साथ ही मड़वन प्रखंड में नई चीनी मिल की स्थापना की योजना पर भी काम शुरू कर दिया गया है। इन दोनों परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए गन्ना विकास विभाग ने जिले में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रमाणित बीज की नर्सरी स्थापित करने की योजना शुरू की है।
विभाग की ओर से इस योजना के तहत दो किसानों का चयन किया जाएगा, जो प्रमाणित गन्ना बीज की नर्सरी विकसित करेंगे। इच्छुक किसान 22 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। गन्ना विकास विभाग के अनुसार, सामान्य वर्ग के किसानों को प्रमाणित गन्ना बीज पर 260 रुपये प्रति क्विंटल तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों को 310 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जाएगा। सहायक निदेशक ईख विकास अरविंद कुमार रवि ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज उपलब्ध कराना, गन्ने की उत्पादकता बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। उन्होंने कहा कि यदि किसान बेहतर गुणवत्ता वाले बीज का उपयोग करेंगे तो भविष्य में चीनी मिलों को भी पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने बताया कि मोतीपुर चीनी मिल के पुनरुद्धार और मड़वन में प्रस्तावित नई चीनी मिल को ध्यान में रखते हुए किसानों को नर्सरी लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में गन्ने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
वहीं, मड़वन में प्रस्तावित नई चीनी मिल के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने की जिम्मेदारी विस्तार पदाधिकारी अविनाश कुमार को सौंपी गई है। वे अंचलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर नई इकाई के लिए कम से कम 50 एकड़ और अधिकतम 100 एकड़ भूमि का चयन करेंगे। दूसरी ओर, मोतीपुर स्थित बंद चीनी मिल के पुनरुद्धार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मिल परिसर और उसके आसपास उपलब्ध भूमि का विस्तृत सर्वेक्षण एवं डाटा तैयार किया जा रहा है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों का मानना है कि यदि दोनों परियोजनाएं समय पर पूरी होती हैं तो इससे न केवल गन्ना किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा, बल्कि जिले में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।