लोक उत्सव जीवन दर्शन का जीवंत दस्तावेज : सुनील कुमार

  • Post By Admin on Jun 06 2026
लोक उत्सव जीवन दर्शन का जीवंत दस्तावेज : सुनील कुमार

मुजफ्फरपुर: संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित एवं अभिनन्दन मुजफ्फरपुर के तत्वावधान में आयोजित “लोक उत्सव 2026” का समापन समारोह शनिवार को बिहार बाल भवन किलकारी में सांस्कृतिक उल्लास और लोक परंपराओं की रंगीन छटा के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम में लोक कला, लोक संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत की समृद्ध परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।

समापन समारोह के अवसर पर कार्यक्रम संयोजक एवं प्रसिद्ध कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने कहा कि लोक उत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन दर्शन का जीवंत दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति समाज की आत्मा होती है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ती रहती है। लोक उत्सव के दौरान आयोजित संगोष्ठी में विभिन्न लोक कलाओं एवं लोक संस्कृतियों पर चर्चा की गई। साथ ही लोक रत्न भिखारी ठाकुर के जीवन, उनके योगदान और लोक चेतना में उनकी भूमिका पर भी विस्तार से विचार व्यक्त किए गए। कार्यक्रम में डोमकच, जट्ट-जट्टिन, झूमर, सोहर, सामा-चकेवा और लीची गीत सहित कई क्षेत्रीय लोकगीत एवं लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

समारोह में वरिष्ठ कलाकारों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वर्णिम कला केन्द्र की संस्थापिका एवं संस्कृतिकर्मी उषा किरण श्रीवास्तव को “लोक रत्न सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया। उन्हें अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर उनके सांस्कृतिक योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। स्वर्णिम कला केन्द्र की कलाकार सुभांगी सुमन, श्वेता श्रीवास्तव, काजल कुमारी, लिली कुमारी एवं अनिशा कुमारी द्वारा झिझिया, कजरी और झूमर लोकगीत एवं लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। लोकधुनों और पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति ने पूरे सभागार को लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया।

कार्यक्रम में सुनील कुमार के निर्देशन में “दोस्ती” नाटक का भी मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति दोस्ताना दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया गया। नाटक में चंदेश्वर राम, खुशबू कुमारी उर्फ प्रमिला देवी, श्वेता यादव, अनिता कुमारी, शिव कुमार और विकास कुमार ने प्रभावशाली अभिनय कर दर्शकों की खूब सराहना प्राप्त की। वहीं बिहार बाल भवन किलकारी, मुजफ्फरपुर के बच्चों में पल्लवी, आराध्या, परी, आस्था रंजन, कृतिका, तहरीम, वैष्णवी अग्रवाल, वैमवी, त्रिदित्या, श्रेया, स्वाधा रोशनी, आर्यन, प्रतीक, प्रियांशु और कुंज ने पर्यावरण विषय पर आधारित भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया।

इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष प्रफुल्ल चंद्र मिश्रा, अविनाश कुमार, अरुण कुमार, सोनू सरकार, शम्भु मोहन प्रसाद, सीआरपी कमीशनरी रिसोर्स पर्सन पूर्णिमा बाला, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी रश्मि आनंद, चंद्रभूषण प्रसाद, गोपाल फलक, कायनात आफरीन, सीमा कुमारी, गौरीशंकर मिश्रा, अरुणिमा, अमन राज, सोनू कुमार, सौरभ कुमार, सुजाता कुमारी, रूपा पाठक, राजू सहनी, आशीष राज, बब्लू कुमार, राजीव कुमार, अर्पिता कुमारी, कृष्णनंदन कुमार एवं प्रियंका चौधरी सहित बड़ी संख्या में कलाकार, संस्कृतिकर्मी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार ठाकुर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अभिनन्दन संस्थान के सचिव प्रभात कुमार द्वारा किया गया।