पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप : आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल शहर बसाने की तैयारी
- Post By Admin on Aug 03 2026
पटना : बिहार की राजधानी पटना के बढ़ते शहरी दबाव को कम करने और सुनियोजित विस्तार सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप को अगले 20 वर्षों में तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। वर्ष 2047 तक लगभग 66 लाख लोगों की आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही यह महत्वाकांक्षी परियोजना आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक सुव्यवस्थित, स्मार्ट और टिकाऊ शहर के रूप में विकसित की जाएगी।
परियोजना के पहले चरण में शुरुआती पांच वर्षों के दौरान भूमि अधिग्रहण और आधारभूत संरचना निर्माण पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस चरण में 90 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क, पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, सीवरेज नेटवर्क, बिजली आपूर्ति प्रणाली, ट्रांजिट हब, प्रशासनिक परिसर, जल संरक्षण संरचनाएं और हरित पट्टियों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही सार्वजनिक परिवहन, पार्क, खुले क्षेत्र और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं की मजबूत आधारशिला रखी जाएगी।
दूसरे और तीसरे चरण में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि यह टाउनशिप भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में विकसित हो, जहां लोगों को बेहतर आवास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विश्वस्तरीय शहरी सुविधाएं उपलब्ध हों। यह परियोजना व्यापक क्षेत्र में फैली होगी, जिसमें दो नगर निकाय, नौ प्रखंड और 274 गांव शामिल किए गए हैं। योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से आधुनिक आधारभूत ढांचे का विकास किया जाएगा, जिससे पटना महानगर पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप के विकसित होने से राजधानी क्षेत्र में आवासीय और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी तथा यह बिहार के सबसे बड़े शहरी विकास मॉडलों में से एक बनकर उभर सकता है। सरकार की योजना के अनुसार वर्ष 2047 तक यह परियोजना पूरी तरह तैयार होकर लाखों लोगों को आधुनिक और टिकाऊ शहरी जीवन की सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।