शिक्षक भर्ती के मुद्दे पर राजभवन पहुंचे अभ्यर्थी, PT-Mains और रिक्तियों पर जताई नाराजगी

  • Post By Admin on Aug 22 2026
शिक्षक भर्ती के मुद्दे पर राजभवन पहुंचे अभ्यर्थी, PT-Mains और रिक्तियों पर जताई नाराजगी

पटना : बिहार में सरकारी नौकरी और शिक्षक नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के साथ राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की। राजभवन में हुई इस बैठक में अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती से लेकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा। करीब 40 से 45 मिनट तक चली बातचीत में TRE-4 की रिक्तियां, परीक्षा प्रक्रिया, लाइब्रेरियन नियुक्ति, B.Ed, BPSC और BSSC से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से TRE-4 भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को नोटिफिकेशन जारी होने के बाद पदों की संख्या और परीक्षा प्रणाली को लेकर निराशा हुई है। उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि शिक्षक भर्ती में विषयवार रिक्तियों की स्थिति स्पष्ट की जाए और योग्य अभ्यर्थियों को पर्याप्त अवसर दिया जाए।

परीक्षा प्रणाली को लेकर भी नाराजगी

प्रतिनिधिमंडल ने TRE-4 में PT-Mains की व्यवस्था को लेकर अपनी असहमति जताई। अभ्यर्थियों के मुताबिक, केवल परीक्षा के एक चरण में बदलाव करने से भर्ती प्रक्रिया की मूल समस्याएं दूर नहीं होंगी। उन्होंने BPSC की परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की आवश्यकता बताई।

कथित पेपर लीक के मामलों का उल्लेख करते हुए अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता मजबूत करने की मांग की। उन्होंने शिक्षक भर्ती में शिक्षा और बाल मनोविज्ञान जैसे विषयों को भी उचित स्थान देने का सुझाव दिया।

विषयवार पदों की संख्या पर उठे सवाल

अभ्यर्थियों ने कहा कि TRE-4 में कुछ विषयों के लिए बहुत कम या कोई पद नहीं होने से बड़ी संख्या में उम्मीदवार प्रभावित हो रहे हैं। कंप्यूटर साइंस, संगीत, अरबी, फारसी, भोजपुरी और मैथिली जैसे विषयों में पदों की स्थिति को लेकर विशेष रूप से सवाल उठाए गए।

प्रतिनिधिमंडल ने PRT से PGT स्तर तक सभी विषयों में उपलब्ध रिक्तियों की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि उम्मीदवार अपनी तैयारी और भविष्य की योजना तय कर सकें।

लाइब्रेरियन नियुक्ति का मुद्दा

लाइब्रेरियन अभ्यर्थियों ने भी अपनी लंबे समय से लंबित नियुक्ति का मामला राज्यपाल के समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि बिहार में करीब 18 वर्षों से नियमित लाइब्रेरियन बहाली नहीं हुई है। अभ्यर्थियों के अनुसार, राज्यपाल ने बताया कि इस संबंध में प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है और आने वाले समय में नियुक्ति की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।

दूसरी भर्तियों की जांच की मांग

B.Ed से संबंधित भर्ती प्रक्रिया के साथ BPSC 17वीं और 1799 पदों वाली दरोगा भर्ती का मुद्दा भी बैठक में उठा। अभ्यर्थियों ने विवादित परीक्षाओं और सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

इसके अलावा BSSC की आवेदन प्रक्रिया को लेकर भी उम्मीदवारों ने अपनी परेशानी बताई। उनका कहना था कि अलग-अलग परीक्षाओं के लिए बार-बार आवेदन पोर्टल खुलने से उम्मीदवारों को दोबारा शुल्क देना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, राज्यपाल ने इस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर विचार करने का भरोसा दिया।

आश्वासन के बाद भी आंदोलन रहेगा जारी

प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक, राज्यपाल ने उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर BPSC के चेयरमैन सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कराने का आश्वासन दिया। बैठक में करीब 17 मुद्दों पर बातचीत होने की बात अभ्यर्थियों ने कही।

हालांकि, छात्रों ने साफ किया कि मौखिक आश्वासन मिलने मात्र से आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि संबंधित मांगों पर सरकार या विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही आंदोलन को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा।छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने की बात कही गई है। अभ्यर्थियों ने जरूरत पड़ने पर आंदोलन को बिहार के अन्य हिस्सों तक ले जाने की चेतावनी भी दी।

रोजगार को लेकर सरकार से ठोस कदम की मांग

अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल से प्रेरित नहीं है। उनका मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, पर्याप्त रिक्तियां और समय पर नियुक्ति सुनिश्चित कराना है। उन्होंने मुख्यमंत्री से युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने की मांग की। गर्दनीबाग सहित विभिन्न स्थानों पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राज्यपाल से हुई इस मुलाकात के बाद अब अभ्यर्थियों को सरकार और संबंधित विभागों की ओर से लिखित आदेश और ठोस कार्रवाई का इंतजार है।