मॉडल स्कूलों में पढ़ाई और अटेंडेंस की होगी सख्त निगरानी, हर स्कूल पर तैनात होंगे अधिकारी

  • Post By Admin on Aug 21 2026
मॉडल स्कूलों में पढ़ाई और अटेंडेंस की होगी सख्त निगरानी, हर स्कूल पर तैनात होंगे अधिकारी

पटना: बिहार के सरकारी मॉडल स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अब प्रत्येक मॉडल स्कूल की जिम्मेदारी एक अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है। संबंधित अधिकारी अपने-अपने स्कूल का नियमित निरीक्षण करेंगे और पढ़ाई, शिक्षकों की उपलब्धता तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति की निगरानी करेंगे।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना स्थित लोक सेवक आवास में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मॉडल स्कूलों का संचालन प्रभावी तरीके से हो और इन विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था सामान्य सरकारी स्कूलों से अलग और बेहतर दिखाई दे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मॉडल स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों की उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा की जाए। संबंधित अधिकारी स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के साथ-साथ आवश्यकता के अनुसार औचक निरीक्षण भी सुनिश्चित करेंगे। स्कूलों की दैनिक गतिविधियों की रिपोर्टिंग मुख्यालय और जिला स्तर पर सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है। इससे विद्यालयों में पढ़ाई की स्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित निगरानी की जा सकेगी।

हर तीन महीने में होगी PTM

मुख्यमंत्री ने मॉडल स्कूलों में प्रत्येक तीन महीने पर अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। उनका कहना है कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और उनकी समस्याओं को समझने में अभिभावक-शिक्षक संवाद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पूर्व विद्यार्थियों से भी जोड़ा जाएगा

मॉडल स्कूलों के पूर्व विद्यार्थियों के साथ संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों, अनुभवों और विशेषज्ञता का लाभ वर्तमान विद्यार्थियों को मिल सके, इसके लिए नियमित बैठक और मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को कहा गया है।

JEE और NEET की तैयारी पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने के लिए गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

डिजिटल लर्निंग को प्रभावी बनाने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ई-लर्निंग और 24×7 इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग कर विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और बेहतर शैक्षणिक परिणामों के माध्यम से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।