ज्ञान भारतम् मिशन में बिहार तीसरे स्थान पर, पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण में तेजी 

  • Post By Admin on Apr 27 2026
ज्ञान भारतम् मिशन में बिहार तीसरे स्थान पर, पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण में तेजी 

लखीसराय : बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ज्ञान भारतम् मिशन की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, डिजिटलीकरण और अपलोडिंग की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया।

बैठक के दौरान कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार के सचिव ने जानकारी दी कि राज्य ने इस मिशन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है और अब राजस्थान एवं मध्य प्रदेश के बाद देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि पांडुलिपियों के अपलोड की संख्या तेजी से बढ़कर करीब 8 लाख तक पहुंच गई है, जो इस उपलब्धि का प्रमुख कारण है।

सचिव ने कहा कि इस मिशन के जरिए कई दुर्लभ और विलुप्तप्राय पांडुलिपियों की पहचान और संरक्षण संभव हुआ है, जो आने वाले वर्षों में नष्ट हो सकती थीं। यह पहल राज्य की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उल्लेखनीय है कि ज्ञान भारतम् मिशन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की एक राष्ट्रीय पहल है, जिसके तहत देशभर में प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इसके लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल भंडार विकसित किया जा रहा है, जिससे शोधकर्ताओं और आम लोगों को इन पांडुलिपियों तक आसान पहुंच मिल सके।

मिशन के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल पोर्टल जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर निजी संग्रहों, मंदिरों, पुस्तकालयों और शैक्षणिक संस्थानों में संरक्षित पांडुलिपियों की पहचान और संरक्षण का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है।

बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए अगले डेढ़ महीने में और तेज़ी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने लक्ष्य तय किया कि बिहार को इस मिशन में देश में प्रथम स्थान पर लाने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जाए।

लखीसराय जिले से अब तक 51 पांडुलिपियों की जानकारी अपलोड की जा चुकी है। जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक पांडुलिपियों की जानकारी उपलब्ध कराने वाले लोगों को सम्मानित करने की भी घोषणा की है।