गर्मी में बढ़ा डायरिया का खतरा, बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सतर्कता जरूरी

  • Post By Admin on Apr 27 2026
गर्मी में बढ़ा डायरिया का खतरा, बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सतर्कता जरूरी

लखीसराय : गर्मी के मौसम और बदलते मौसम के प्रभाव के बीच जिले में डायरिया का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार डायरिया बैक्टीरिया और वायरस से होने वाला संक्रमण है, जो दूषित भोजन, बासी खाने, साफ पानी की कमी और हाथों की स्वच्छता में लापरवाही के कारण फैलता है। इस बीमारी में पेट दर्द, दस्त, उल्टी, बुखार और शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कई मामलों में मल में खून या म्यूकस भी आ सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि डायरिया के दौरान शरीर में पानी की कमी होना सबसे बड़ी समस्या है। इसके लक्षणों में गला सूखना, कम पेशाब होना, अत्यधिक प्यास लगना और सुस्ती शामिल हैं। ऐसे में मरीज को पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस घोल, नारियल पानी और डॉक्टर की सलाह अनुसार दवाएं देना जरूरी है।

नवजात और छोटे बच्चों के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्हें नियमित स्तनपान कराना चाहिए और जरूरत पड़ने पर ओआरएस घोल थोड़ी-थोड़ी मात्रा में देना चाहिए। साथ ही साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती ने बताया कि डायरिया की रोकथाम के लिए आशा और आंगनबाड़ी सेविकाओं की मदद ली जा सकती है। उनके पास ओआरएस और जिंक की दवाएं उपलब्ध रहती हैं, जो इस बीमारी को नियंत्रित करने में सहायक हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे साफ पानी का उपयोग करें, भोजन को ढंककर रखें, फलों और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाएं और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।