बिहार के मुख्यमंत्री की प्रशासन ने तोड़ डाली सीढ़ी, सुने सम्राट ने जानकारी पर क्या कहा

  • Post By Admin on Apr 26 2026
बिहार के मुख्यमंत्री की प्रशासन ने तोड़ डाली सीढ़ी, सुने सम्राट ने जानकारी पर क्या कहा

मुंगेर: मुंगेर के तारापुर में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने सियासी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा छेड़ दी। कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के घर की सीढ़ी को भी प्रशासन ने तोड़ दिया। इस घटनाक्रम पर खुद मुख्यमंत्री ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

रविवार को तारापुर में जनसभा को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले ही रिपोर्ट मिली थी कि उनके घर की सीढ़ी भी अतिक्रमण के दायरे में आ रही है और प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई निर्माण सरकारी जमीन पर है, तो उसे हटाया ही जाएगा—चाहे वह किसी का भी क्यों न हो। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में यह भी जोड़ा कि “सुंदर और विकसित बिहार” के निर्माण के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई जरूरी है और इसमें किसी तरह की रियायत नहीं दी जा सकती। उन्होंने संकेत दिया कि प्रशासन को पूरी छूट दी गई है कि वह नियमों के अनुसार कार्रवाई करे।

अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने इसे अपने लिए जिम्मेदारी का समय बताते हुए कहा कि पहली बार विधायक बनने के साथ ही मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिलना बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि वे अपने क्षेत्र और राज्य के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में विकास की नींव पहले ही रखी जा चुकी है, जिसे अब आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में वित्तीय संसाधनों की कोई कमी नहीं है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि फोरलेन सड़कों का नेटवर्क तेजी से बढ़ाया जा रहा है और कोलकाता तक एक्सप्रेस-वे की दिशा में भी काम जारी है। वहीं बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए जल प्रबंधन की नई योजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिसमें अतिरिक्त पानी को नियंत्रित कर गंगा में प्रवाहित करने और डैम के माध्यम से जल वितरण की व्यवस्था शामिल है।

तारापुर की इस घटना ने एक तरफ जहां कानून के समान अनुपालन का संदेश दिया है, वहीं दूसरी ओर सियासत में भी नई बहस को जन्म दे दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस तरह की कार्रवाई का असर प्रशासन और राजनीति पर किस रूप में पड़ता है।