प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड में बड़ी लापरवाही का आरोप, राजद अधिवक्ता प्रकोष्ठ ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

  • Post By Admin on Jun 05 2026
प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड में बड़ी लापरवाही का आरोप, राजद अधिवक्ता प्रकोष्ठ ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

मुजफ्फरपुर: ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं लगातार तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में राजद अधिवक्ता प्रकोष्ठ, मुजफ्फरपुर के जिलाध्यक्ष संतोष बसंत ने शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा सभी सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर अस्पताल का संचालन किया जा रहा था और हादसे के लिए अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टर एवं कर्मचारी पूरी तरह जिम्मेदार हैं।

संतोष बसंत ने बताया कि चैनपुर पररी निवासी अंजनी सिंह, जो हादसे के समय आईसीयू में भर्ती थे, आग से उठे जहरीले धुएं के संक्रमण से गंभीर रूप से प्रभावित हो गए हैं और वर्तमान में जुरन छपरा स्थित अशोका हॉस्पिटल के आईसीयू में जीवन और मौत से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंजनी सिंह के पुत्र एवं दामाद संजीव सिंह ने जान जोखिम में डालकर उन्हें आग की लपटों से बाहर निकाला, अन्यथा वे भी मृतकों की सूची में शामिल हो सकते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा मीडिया में यह जानकारी दी गई कि अंजनी सिंह घर चले गए हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और वे अस्पताल में भर्ती हैं। संतोष बसंत ने इसे सच्चाई छिपाने का प्रयास बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

राजद नेता ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास मुजफ्फरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है और लोग अपने हाल पर जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यदि श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) की इमरजेंसी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति देखी जाए तो स्वास्थ्य विभाग की तमाम दावों की पोल खुल जाएगी। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर उत्तर बिहार के कई जिलों, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण सहित नेपाल से आने वाले मरीजों का प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। बावजूद इसके यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव चिंताजनक है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री द्वारा एसकेएमसीएच को एम्स का दर्जा दिलाने के लिए किए गए प्रयासों और आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि पटना और दिल्ली की सरकारें इस मुद्दे पर मौन बनी रहीं।

संतोष बसंत ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी बिहार के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का मुजफ्फरपुर नहीं पहुंचना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार को इस हादसे के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए एसकेएमसीएच को एम्स का दर्जा देने की मांग दोहराई।इसके साथ ही उन्होंने अग्निकांड में मृत लोगों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा देने, घायलों एवं इलाजरत मरीजों का सरकारी खर्च पर समुचित इलाज कराने तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।