अभिनन्दन द्वारा लोक उत्सव 2026 का आयोजन, लोक कला और संस्कृति की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

  • Post By Admin on Jun 04 2026
अभिनन्दन द्वारा लोक उत्सव 2026 का आयोजन, लोक कला और संस्कृति की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

मुजफ्फरपुर: सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को समर्पित संस्था “अभिनन्दन मुजफ्फरपुर” द्वारा गुरुवार को बिहार बाल भवन किलकारी में “लोक उत्सव 2026” का भव्य आयोजन किया गया। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में लोक कला, लोक संस्कृति और पारंपरिक संगीत-नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित सांस्कृतिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने भारतीय लोक संस्कृति की महत्ता और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से अपने विचार रखे। पूनम कुमारी ने कहा कि “किसी भी देश का विकास उसकी संस्कृति से होता है और संस्कृति का विकास लोक संस्कृति से।” उन्होंने लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वर्णिम कला केन्द्र की संस्थापिका एवं संस्कृतिकर्मी उषा किरण श्रीवास्तव ने कहा कि बिहार की लोक संस्कृति अत्यंत समृद्ध है और इसे संरक्षित रखने के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर कार्य करना होगा। वहीं समाजसेवी सोनू सरकार ने कहा कि एक समय ऐसा था जब कला और संस्कृति के क्षेत्र में बनारस और कोलकाता, मुजफ्फरपुर को आदर्श मानते थे। उन्होंने शहर की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता जताई।

लोक उत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक गायिका अनिता कुमारी ने बज्जिका लोकगीत “गाछी में कुहके कोयलिया हे, तनी हुनका बुला द” प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। लोक गायक कलाकार सुनील कुमार ने “लीचीया लाले लाल” गीत की प्रस्तुति देकर माहौल को लोक रंग में रंग दिया। बिहार बाल भवन किलकारी के नृत्य विधा से जुड़े बच्चों ने “सामा-चकेवा” एवं “निंदिया के मातल दूल्हा” लोकगीतों पर मनमोहक भाव नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं संगीत विधा के बच्चों ने “साँसो की माला” गीत की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। स्वर्णिम कला केन्द्र की कलाकार सुभांगी सुमन, श्वेता श्रीवास्तव, काजल कुमारी, लिली कुमारी और अनिशा कुमारी द्वारा झिझिया, कजरी और झूमर लोकगीत एवं लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

कार्यक्रम का मंच संचालन अनिल कुमार ठाकुर ने किया। इस अवसर पर स्वर्णिम कला केन्द्र की संस्थापिका उषा किरण श्रीवास्तव को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर “लोक रत्न सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अविनाश कुमार, अरुण कुमार, सोनू सरकार, शम्भु मोहन प्रसाद, सीआरपी कमीशनरी रिसोर्स पर्सन पूर्णिमा बाला, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी रश्मि आनंद, कायनात आफरीन, सीमा कुमारी, गौरीशंकर मिश्रा, अरुणिमा, अमन राज, सोनू कुमार, सौरभ कुमार, सुजाता कुमारी, रूपा पाठक, राजू सहनी, आशीष राज, बब्लू कुमार, राजीव कुमार, अर्पिता कुमारी, कृष्णनंदन कुमार और प्रियंका चौधरी सहित बड़ी संख्या में कलाकार, संस्कृतिकर्मी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में अभिनन्दन संस्थान के सचिव प्रभात कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों, कलाकारों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।