चैती छठ की शुरुआत, कद्दू-भात का भोग लगाकर व्रतियों ने किया अनुष्ठान का शुभारंभ
- Post By Admin on Mar 22 2026
लखीसराय : नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय चैती छठ महापर्व का पवित्र अनुष्ठान रविवार से श्रद्धा और आस्था के साथ शुरू हो गया। पहले दिन छठ व्रतियों ने स्नान कर शुद्धता के साथ कद्दू-भात बनाकर भगवान सूर्य को भोग अर्पित किया। इसके बाद व्रतियों ने प्रसाद ग्रहण किया और अपने परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी प्रसाद वितरित किया।
चैती छठ का यह पर्व कार्तिक माह में मनाए जाने वाले छठ पूजा की तरह ही कठिन और नियमों से परिपूर्ण माना जाता है। इस दौरान व्रतियों को पूरे अनुष्ठान में शुद्धता, संयम और कठिन तप का पालन करना पड़ता है। विशेष रूप से निर्जला उपवास इस पर्व की सबसे कठिन प्रक्रिया मानी जाती है, जिसे व्रती पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ निभाते हैं।
इस बार गर्मी के मौसम के बावजूद मौसम में आए बदलाव से व्रतियों को काफी राहत मिली है। हल्की ठंडी हवा और अनुकूल मौसम के कारण व्रतियों को पूजा-अर्चना करने में सहूलियत हो रही है।
सोमवार को दूसरे दिन खरना का आयोजन होगा। इस दिन व्रती दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को गुड़-चावल की खीर और रोटी का प्रसाद बनाकर पूजा करेंगे। इसके बाद प्रसाद ग्रहण कर व्रती लगातार 36 घंटे के निर्जला उपवास पर रहेंगे।
तीसरे दिन मंगलवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा, जबकि चौथे दिन बुधवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का पारण किया जाएगा।
चैती छठ को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल है। घाटों की साफ-सफाई, सजावट और अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु पूरे श्रद्धा भाव के साथ इस महापर्व को संपन्न कर सकें। हालांकि नदी और पोखरों में पानी की कमी के कारण कई व्रती अपने घरों पर ही भगवान सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी कर रहे हैं।