उफनती नदियों ने बढ़ाई बिहार की चिंता, 84 प्रखंडों की 514 पंचायतें प्रभावित

  • Post By Admin on Sep 09 2026
उफनती नदियों ने बढ़ाई बिहार की चिंता, 84 प्रखंडों की 514 पंचायतें प्रभावित

पटना : बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार विकट बनी हुई है। गंगा, गंडक, कोसी, पुनपुन और सोन समेत कई प्रमुख नदियों के उफान पर होने से बड़ी आबादी प्रभावित है। नदी किनारे और निचले इलाकों में पानी फैलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई क्षेत्रों में आवागमन और जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच फूड पैकेट और अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। राज्य के पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन 14 जिलों के 84 प्रखंडों की 514 ग्राम पंचायतों में करीब 40.21 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।

पटना में पुनपुन नदी का बढ़ता जलस्तर प्रशासन की चिंता बढ़ा रहा है। श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान से 295 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 171 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। गंगा के जलस्तर में कुछ स्थानों पर कमी के बावजूद नदी का दबाव और उफान बना हुआ है। मुंगेर और भागलपुर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा के जलस्तर ने पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रेलवे प्रशासन भी हाई अलर्ट पर है। प्रभावित रेलखंडों पर ट्रेनों की गति 110 किलोमीटर प्रति घंटे से घटाकर 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गई है।

9 सितंबर को सुबह 10 बजे वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी का जलस्राव 86,000 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसकी प्रवृत्ति फिलहाल स्थिर है। इस साल 14 जुलाई को गंडक का अधिकतम जलस्राव 2,24,000 क्यूसेक दर्ज किया गया था। वीरपुर बराज पर 9 सितंबर को सुबह 10 बजे कोसी नदी का जलस्राव 1,48,200 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसकी प्रवृत्ति भी स्थिर बताई गई है। कोसी का इस साल अब तक का अधिकतम जलस्राव 20 जुलाई को 2,55,425 क्यूसेक दर्ज किया गया था। इंद्रपुरी बराज पर सोन नदी का जलस्राव 9 सितंबर को सुबह 10 बजे 80,785 क्यूसेक रहा। यहां जलस्राव बढ़ने की प्रवृत्ति दर्ज की गई है। सोन नदी का इस साल का अधिकतम जलस्राव 2 सितंबर को 5,63,654 क्यूसेक दर्ज किया गया था।

बाढ़ के गंभीर हालात को देखते हुए विभिन्न प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। टीमें लगातार संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रही हैं और जरूरत के अनुसार राहत-बचाव अभियान चला रही हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक फूड पैकेट और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। सरकार की ओर से लोगों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर लगातार एडवाइजरी भी जारी की जा रही है।