पहले धांधली, अब PET पर ब्रेक: दारोगा अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

  • Post By Admin on Sep 09 2026
पहले धांधली, अब PET पर ब्रेक: दारोगा अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

पटना : बिहार में सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं की बदहाली, लगातार टलती तिथियों और लचर व्यवस्था से त्रस्त युवाओं का धैर्य एक बार फिर जवाब दे गया है, जहां 1799 पुलिस अवर निरीक्षक पदों की बहाली प्रक्रिया अधर में लटकने के बाद अभ्यर्थियों ने सड़क पर उतरकर मोर्चा खोल दिया है। राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं का लंबे समय तक खिंचना और परीक्षाओं का समय पर पूरा न होना एक पुरानी समस्या रही है, और इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने गृह विभाग के निर्देश पर सितंबर-अक्टूबर में प्रस्तावित शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) व अभिलेख सत्यापन को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। बार-बार पैदा होने वाली इस असमंजस की स्थिति और प्रशासनिक अनिर्णय से नाराज सैकड़ों दारोगा अभ्यर्थी व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए एक बार फिर राजधानी के गर्दनीबाग धरना स्थल पर धरने पर बैठ गए हैं।

धरना स्थल पर जुटे अभ्यर्थियों के हाथों में विभिन्न मांगों वाले पोस्टर दिखाई दे रहे हैं, जिनके जरिए वे सरकार और आयोग से भर्ती प्रक्रिया को बिना विलंब पूरा करने तथा शारीरिक जांच की नई तारीख तुरंत घोषित करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि लिखित परीक्षा में कड़ी मेहनत से सफलता हासिल करने के बाद वे महीनों से शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। अचानक प्रक्रिया रोके जाने से उनके सामने भविष्य को लेकर गहरा असमंजस और मानसिक तनाव पैदा हो गया है। अभ्यर्थियों ने सरकार से गुहार लगाई है कि उनकी मेहनत, समय और सपनों को ध्यान में रखते हुए इस गतिरोध को शीघ्र समाप्त किया जाए।

उल्लेखनीय है कि मुख्य लिखित परीक्षा के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों के लिए सितंबर और अक्टूबर माह में शारीरिक दक्षता परीक्षा तथा दस्तावेज सत्यापन का आयोजन प्रस्तावित था। आयोग ने आधिकारिक नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि वर्तमान में यह पूरी प्रक्रिया स्थगित रहेगी और आगामी तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी। इस निर्णय से उन हजारों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है जो ग्राउंड पर पसीना बहाकर मैदान में उतरने का इंतजार कर रहे थे।

इससे पहले भी इस 1799 दारोगा भर्ती प्रक्रिया को लेकर गर्दनीबाग में व्यापक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था, जहां छात्रों के एक वर्ग ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया की जांच और इसे रद्द करने की मांग उठाई थी। छात्रों के बढ़ते विरोध को देखते हुए शिक्षा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी हुई थी। इस बैठक में तय हुआ था कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए गठित होने वाली विशेष कमेटी के समक्ष इस भर्ती से जुड़े तमाम पहलुओं और शिकायतों को साक्ष्यों सहित प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। फिलहाल आयोग के स्थगन आदेश के बीच अभ्यर्थी सड़क पर डटे हुए हैं और शासन से जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।