तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा खेल, अन्नाद्रमुक के 3 विधायक टीवीके में शामिल

  • Post By Admin on May 26 2026
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा खेल, अन्नाद्रमुक के 3 विधायक टीवीके में शामिल

चेन्नई : तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब ईडाप्पडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक को तगड़ा झटका देते हुए पार्टी के तीन बागी विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के तुरंत बाद तीनों नेता मुख्यमंत्री थलपति विजय की पार्टी टीवीके में शामिल हो गए।

टीवीके के वरिष्ठ नेता एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री आधव अर्जुन ने अन्नाद्रमुक के टिकट पर निर्वाचित मदुरंथकम के विधायक एम. कुमारवेल, धारापुरम की विधायक सत्यभामा और पेरुंदुरई के विधायक जयकुमार का पार्टी में स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब सभी मिलकर एक परिवार की तरह आगे बढ़ेंगे।

बताया जा रहा है कि हाल ही में हुए विश्वास मत के दौरान इन तीनों विधायकों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद उन पर दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता की कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल होना अयोग्यता से बचने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। अब संभावना जताई जा रही है कि ये तीनों नेता टीवीके के चुनाव चिन्ह पर उपचुनाव लड़ सकते हैं।

इधर, अन्नाद्रमुक के लिए राहत की खबर भी सामने आई है। बागी खेमे के पांच अन्य विधायकों ने पलानीस्वामी से मुलाकात कर पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई और व्हिप उल्लंघन के लिए माफी मांगी। इन विधायकों ने दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई नहीं करने की अपील भी की है। इसके बाद पलानीस्वामी गुट के नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर केवल 17 बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

दरअसल, यह पूरा राजनीतिक संकट 13 मई को हुए विश्वास मत के दौरान सामने आया था, जब अन्नाद्रमुक के 47 में से 25 विधायकों ने टीवीके सरकार का समर्थन कर दिया था। इस समर्थन से त्रिशंकु विधानसभा में टीवीके को सरकार बनाने में बड़ी मदद मिली थी। हालांकि बागी विधायकों के पास अलग गुट की मान्यता के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं था, जिसके बाद ईपीएस गुट ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष दल-बदल विरोधी कानून के तहत याचिका दायर की थी। अब पांच विधायकों की वापसी के बाद पलानीस्वामी गुट के समर्थन में 27 विधायक हो गए हैं, जबकि 17 विधायक अब भी बागी खेमे में बने हुए हैं और तीन विधायक इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल हो चुके हैं।

*सांकेतिक तस्वीर*