नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर दो दिवसीय NSSK प्रशिक्षण का शुभारंभ
- Post By Admin on Dec 17 2025
लखीसराय : सदर अस्पताल लखीसराय के सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय दो दिवसीय नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (NSSK) प्रशिक्षण की शुरुआत हुई। सिविल सर्जन सह सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति लखीसराय की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जन्म के समय एवं जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशुओं को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और जीवनरक्षक देखभाल उपलब्ध कराना है, ताकि नवजात मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से आईं स्टाफ नर्स एवं एएनएम ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित डॉ. ए. रहमान, चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हलसी ने प्रतिभागियों को नवजात पुनर्जीवन, तत्काल शिशु देखभाल, तापमान संरक्षण, नाल काटने की सुरक्षित प्रक्रिया, त्वचा से त्वचा संपर्क, शीघ्र एवं अनन्य स्तनपान, कम वजन एवं समयपूर्व जन्मे शिशुओं की देखभाल तथा संक्रमण से बचाव जैसे अहम विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान डमी (मॉडल) और आवश्यक चिकित्सीय उपकरणों के माध्यम से व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों को वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित एवं सही निर्णय लेने का कौशल विकसित हो सके। विशेषज्ञों ने “गोल्डन मिनट” के महत्व पर विशेष जोर देते हुए बताया कि जन्म के पहले एक मिनट में सही उपचार नवजात के जीवन को बचाने में निर्णायक भूमिका निभाता है।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने कहा कि NSSK प्रशिक्षण नवजात शिशुओं के जीवन की रक्षा की दिशा में एक प्रभावशाली पहल है। संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता बढ़ाने और प्रसव कक्षों में मानकीकृत नवजात देखभाल सुनिश्चित करने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
NSSK प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु
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जन्म के समय स्वच्छ एवं सुरक्षित डिलीवरी की तैयारी
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जन्म के तुरंत बाद शिशु को सुखाना, गर्माहट बनाए रखना और स्किन टू स्किन केयर
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शिशु के सांस लेने का आकलन एवं जरूरत पड़ने पर त्वरित हस्तक्षेप
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बैग व मास्क द्वारा नवजात पुनर्जीवन की सही तकनीक
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जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान की शुरुआत
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संक्रमण से बचाव एवं जोखिम संकेतों की पहचान
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समय पर रेफरल, दस्तावेजीकरण और प्रभावी टीमवर्क
यह प्रशिक्षण जिले में नवजात शिशुओं के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है।