बिहार से उत्तर-पूर्व की राह होगी सुगम, NH-327 फोरलेन परियोजना को मिली मंजूरी
- Post By Admin on Sep 04 2026
सिलीगुड़ी : सीमांचल से उत्तर-पूर्व भारत तक सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय राजमार्ग-327 के करीब 31.02 किलोमीटर हिस्से को चार लेन में विकसित करने की मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 2,077.18 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसका सीधा लाभ बिहार के सीमावर्ती जिलों, खासकर किशनगंज और अररिया, को मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित फोरलेन सड़क दार्जिलिंग जिले के गलगलिया, पानीटंकी, खड़ीबाड़ी और बागडोगरा को जोड़ेगी। परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार से सिलीगुड़ी और बागडोगरा की ओर जाने वाले वाहनों के लिए मार्ग की क्षमता बढ़ेगी और आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा।
परियोजना में होंगे कई महत्वपूर्ण निर्माण
NH-327 के इस हिस्से को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए कई प्रमुख निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। परियोजना में पांच हाथी अंडरपास, तीन बड़े पुल और एक रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इसके अलावा सड़क के दोनों तरफ सर्विस रोड भी विकसित की जाएगी। हाथी अंडरपास का उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है, जिससे सड़क यातायात और हाथियों के आवागमन के बीच टकराव की संभावना कम की जा सके।
जाम से मिलेगी राहत
बिहार में अररिया से गलगलिया तक फोरलेन सड़क विकसित होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की संख्या बढ़ी है। हालांकि पश्चिम बंगाल की सीमा में गलगलिया के आगे सड़क का कुछ हिस्सा अभी दो लेन का है। इससे पानीटंकी और खड़ीबाड़ी के आसपास वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम की स्थिति बनती है। फोरलेन विस्तार के बाद सड़क की क्षमता बढ़ने से इस समस्या में कमी आने की उम्मीद है।
सीमा पर आर्थिक-रणनीतिक कनेक्टिविटी
NH-327 का यह हिस्सा केवल सामान्य यातायात के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी इसकी अहमियत है। यह क्षेत्र नेपाल और भूटान की सीमाओं के साथ-साथ सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नजदीक स्थित है। बेहतर सड़क संपर्क से सैन्य वाहनों, व्यापारिक परिवहन और आम यात्रियों की आवाजाही को गति मिल सकती है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक और आर्थिक कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। 7 अगस्त 2026 को भारत के राजपत्र में इससे संबंधित अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें NH-327 के किलोमीटर 0 से 31.462 तक के हिस्से को शामिल किया गया है। नक्सलबाड़ी, फांसीदेवा और खड़ीबाड़ी क्षेत्र के कई गांव भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दायरे में हैं।
फोरलेन परियोजना पूरी होने के बाद अररिया और किशनगंज से सिलीगुड़ी-बागडोगरा क्षेत्र तक सड़क संपर्क और बेहतर होने की संभावना है। इससे यात्रा में लगने वाला समय कम होने, जाम घटने और सीमांचल से उत्तर-पूर्व भारत की ओर माल एवं यात्री परिवहन को सुविधा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क नेटवर्क से इस मार्ग पर व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। कुल मिलाकर NH-327 का यह फोरलेन विस्तार बिहार के सीमांचल, पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्व भारत के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।