गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए विद्या भारती ने तैयार किया रोडमैप
- Post By Admin on Aug 02 2026
मुजफ्फरपुर : उच्च शिक्षा को नई गति देने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, उत्तर बिहार प्रांत की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को लोक शिक्षा समिति के प्रांतीय कार्यालय, मुजफ्फरपुर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विद्या भारती उच्च शिक्षा के क्षेत्रीय समन्वयक प्रो. रमन त्रिवेदी ने की।
बैठक में उत्तर बिहार के उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं को लागू करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने तथा शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों के बीच समन्वय और संवाद को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही संस्थागत प्रमुखों, शोधार्थियों और शिक्षाविदों के लिए विशेष कार्यशालाएं, राष्ट्रीय सम्मेलन और शैक्षिक विमर्श आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में उत्तर बिहार के विभिन्न संस्थानों के विद्वानों को जोड़कर एक अकादमिक परिषद गठित करने तथा विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के माध्यम से शोधार्थियों को विशेष शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी।
प्रो. रमन त्रिवेदी ने कहा कि विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार की गई शैक्षिक योजनाओं को उत्तर बिहार के संस्थानों में प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में कार्य करेगा। इसके लिए शीघ्र ही संस्थान समन्वयकों का चयन कर कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. रजनीश कुमार गुप्ता ने उच्च शिक्षा के विकास के लिए तैयार रोडमैप प्रस्तुत करते हुए कहा कि विभिन्न विषयों के शोधार्थियों को विशेष सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि शोध की गुणवत्ता और उपयोगिता में वृद्धि हो सके। संस्थान के सचिव डॉ. अमर बहादुर शुक्ला ने “भारत बौद्धिकस परीक्षा” के आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा में भागीदारी के लिए जागरूक किया जाएगा। यह परीक्षा देशभर में एक साथ आयोजित करने की योजना है।
बैठक में लोक शिक्षा समिति के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह, सह-सचिव डॉ. ललित किशोर, डॉ. विनोद बैठा, डॉ. विजय सेन पांडे, डॉ. रीता शर्मा, डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ. राकेश रंजन और डॉ. राकेश कुमार पाल सहित कई शिक्षाविद और पदाधिकारी उपस्थित रहे। अंत में डॉ. ललित किशोर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।