ओएमआर आधारित परीक्षा के फैसले का एबीवीपी ने किया विरोध, निष्पक्ष जांच की मांग

  • Post By Admin on Jun 26 2026
ओएमआर आधारित परीक्षा के फैसले का एबीवीपी ने किया विरोध, निष्पक्ष जांच की मांग

मुंगेर : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के विभाग संयोजक मनीष यदुवंशी ने मुंगेर विश्वविद्यालय में पुनः ओएमआर आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने के निर्णय का विरोध करते हुए इसे छात्र हितों के खिलाफ बताया है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पूर्व के अनुभवों को देखते हुए इस व्यवस्था को दोबारा लागू करना उचित नहीं है।

मनीष यदुवंशी ने कहा कि पहले ओएमआर आधारित परीक्षा के दौरान हजारों छात्रों का परिणाम लंबित रह गया था। कई विद्यार्थियों को औसत अंक देकर परिणाम प्रकाशित करना पड़ा और परीक्षा परिणाम जारी होने में भी महीनों की देरी हुई थी। इन परिस्थितियों को देखते हुए विश्वविद्यालय की सीनेट एवं सिंडिकेट ने भविष्य में मुख्य परीक्षाएं ओएमआर आधारित प्रणाली से नहीं कराने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि ऐसे में उसी व्यवस्था को दोबारा लागू किया जाना कई सवाल खड़े करता है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन किसी निजी एजेंसी को लाभ पहुंचाने या अन्य आर्थिक कारणों से यह निर्णय ले रहा है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।

एबीवीपी नेता ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि वह पारदर्शिता के साथ यह स्पष्ट करे कि पूर्व की व्यवस्था में क्या कमियां थीं और नई व्यवस्था से छात्रों को क्या लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का प्रयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा। मनीष यदुवंशी ने राज्य सरकार, राजभवन एवं उच्च शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा सीनेट एवं सिंडिकेट के पूर्व निर्णयों का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के हितों की अनदेखी जारी रही तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।