मुजफ्फरपुर में बेलगाम चोरों का आतंक, अनुमंडल कार्यालय के सामने से युवक की बाइक चोरी
- Post By Admin on Apr 07 2026
मुजफ्फरपुर : जिले में बढ़ती चोरी की घटनाओं ने अब आमजन के साथ-साथ प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। शहर में अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि अब वे भीड़भाड़ और संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भी वारदात को अंजाम देने से नहीं हिचक रहे हैं। ताजा मामला मुजफ्फरपुर अनुमंडल कार्यालय (पूर्वी) के ठीक सामने का है, जहां से चोरों ने दिनदहाड़े एक दुपहिया वाहन की चोरी कर सनसनी फैला दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक अंकित भारद्वाज अपनी ग्लैमर बाइक (संख्या BR06BU5299) को अनुमंडल कार्यालय के सामने खड़ी कर अपने काम से अंदर गए थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे चोरों ने मौके का फायदा उठाते हुए बाइक को चंद मिनटों में गायब कर दिया। जब अंकित वापस लौटे तो उनकी बाइक वहां से नदारद थी। काफी खोजबीन के बाद भी बाइक का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी।
घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यह वारदात उस स्थान पर हुई है, जहां प्रशासनिक गतिविधियां लगातार चलती रहती हैं और लोगों की आवाजाही भी बनी रहती है। इसके बावजूद चोरों का इतने बेखौफ अंदाज में चोरी की घटना को अंजाम देना यह दर्शाता है कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं रह गया है।
पीड़ित अंकित भारद्वाज ने बताया कि यह बाइक उनके लिए केवल एक वाहन नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और मेहनत का प्रतीक थी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यह उनकी पहली बाइक थी, जिसे उन्होंने कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद खरीदा था। उसकी चोरी हो जाना उनके लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द बाइक बरामद करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि शहर में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस की गश्ती और निगरानी व्यवस्था उतनी प्रभावी नहीं दिख रही है। खासकर सरकारी कार्यालयों और प्रमुख स्थानों के आसपास भी यदि इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो आम जगहों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए, सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए तथा संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए। साथ ही, पुलिस गश्ती को भी सक्रिय और प्रभावी बनाने की जरूरत है, ताकि अपराधियों के मनोबल को तोड़ा जा सके।
फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। हालांकि अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले का खुलासा कितनी जल्दी कर पाती है और पीड़ित को न्याय दिलाने में कितनी सफल होती है।