लखीसराय में खेल सामग्री खरीद में अनियमितता की आशंका, उच्च स्तरीय जांच की उठी मांग
- Post By Admin on Apr 03 2026
लखीसराय : जिले के विद्यालयों में खेल सामग्री की खरीद को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितता और धांधली की आशंका जताई गई है। आरोप है कि कई विद्यालयों में खेल सामग्री बाजार दर से कहीं अधिक कीमत पर खरीदी गई, जिससे सरकारी राशि के दुरुपयोग की संभावना प्रबल हो गई है। इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) लखीसराय ने सरकार से उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मामले को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार कई ऐसे विद्यालयों में भी क्रिकेट सहित अन्य खेल सामग्री की खरीद दर्शाई गई है, जहां खेल का मैदान तक उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही स्थानीय बाजार से खरीदारी करने के बजाय बाहरी विक्रेताओं के बिल लगाए जाने से पूरे मामले की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि मार्च महीने में धन निकासी और व्यय को लेकर तथाकथित “मार्च लूट” जैसी स्थिति बनाई गई।
विद्यालयवार राशि के वितरण और निकासी की प्रक्रिया को भी अत्यंत संदेहास्पद बताया जा रहा है, जिससे वित्तीय अनियमितता की आशंका और अधिक गहरा गई है। कुछ विद्यालय प्रधानों ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा भयादोहन कर उनका आर्थिक शोषण किया गया है। विभागीय कार्रवाई के डर से वे खुलकर सामने आने से बच रहे हैं और मजबूरी में चुप रहकर कार्य करने को विवश हैं। उनका कहना है कि पूर्व में भी कई मामलों में अधिकारियों द्वारा उन्हें ही जिम्मेदार ठहराकर “बली का बकरा” बनाया गया है, जिसके कारण वे खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं।
यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले विद्यालय भवन मरम्मत, शौचालय निर्माण, बिजली कार्य और बेंच-डेस्क आपूर्ति के नाम पर शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपए की अनियमितताओं के आरोप सामने आ चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई का अभाव बना हुआ है। भाकपा लखीसराय ने सरकार को पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषी अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा सके तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।