नोएडा हिंसा पर कड़ा एक्शन : 300 से अधिक गिरफ्तार, व्हाट्सऐप समूहों की जांच तेज

  • Post By Admin on Apr 14 2026
नोएडा हिंसा पर कड़ा एक्शन : 300 से अधिक गिरफ्तार, व्हाट्सऐप समूहों की जांच तेज

नोएडा : वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सोमवार को भड़के श्रमिक आंदोलन के हिंसक रूप लेने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और सात प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। मामले में उपद्रव फैलाने वालों की पहचान के लिए व्हाट्सऐप समूहों की भी जांच शुरू कर दी गई है।

घटनाक्रम की शुरुआत शनिवार को इकोटेक-3 थाना क्षेत्र में एक फैक्ट्री के बाहर प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से एक महिला श्रमिक के घायल होने के बाद हुई, जिसके बाद माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ था। सोमवार सुबह स्थिति अचानक बिगड़ गई, जब श्रमिक डंडे और पत्थरों के साथ सड़कों पर उतर आए और जिले के तीन औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक हिंसा फैल गई।

उपद्रवियों ने 500 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ की और पुलिस वाहनों समेत 20 से अधिक गाड़ियों में आग लगा दी। एनएच-9 और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे सहित कई प्रमुख मार्गों पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

हिंसा में 10 पुलिसकर्मियों सहित करीब 30 लोग घायल हुए हैं, जबकि औद्योगिक इकाइयों और सार्वजनिक संपत्ति को लगभग 3000 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। सुबह करीब 8 बजे शुरू हुई यह हिंसा शाम 5 बजे तक जारी रही, जिससे करीब नौ घंटे तक शहर की रफ्तार थमी रही और गाजियाबाद तथा दिल्ली आने-जाने वाले लोग जाम में फंसे रहे।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और अतिरिक्त बल की तैनाती की गई। प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) सहित भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

प्रशासन ने हालात को देखते हुए नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों की मजदूरी में 21 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की है। जिलाधिकारी मेधा रूपम और पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने एहतियातन नोएडा-ग्रेटर नोएडा की औद्योगिक इकाइयों को मंगलवार को बंद रखने का निर्णय लिया है।

सेक्टर-63, फेज-1, फेज-2 और फेज-3 जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। कई फैक्ट्रियों और सर्विस सेंटरों को नुकसान पहुंचा, जबकि कुछ स्थानों पर आगजनी की कोशिशों को समय रहते काबू कर लिया गया।

हिंसा के दौरान मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी की घटनाएं भी सामने आई हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। उल्लेखनीय है कि श्रमिक पिछले कई दिनों से वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे और पहले ही बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दे चुके थे। इस बीच पृथला औद्योगिक क्षेत्र, फरीदाबाद और भिवाड़ी में भी श्रमिकों ने प्रदर्शन किया, हालांकि वहां स्थिति नियंत्रण में रही।