भ्रष्टाचार और लापरवाही पर राजस्व विभाग का प्रहार, नौ अधिकारियों पर गिरी गाज
- Post By Admin on Jun 05 2026
पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार, अनियमितता, कर्तव्यहीनता और विभागीय निर्देशों की अवहेलना के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र गठित करने, विभागीय कार्यवाही संचालित करने, पेंशन कटौती तथा सेवा से बर्खास्तगी की अनुशंसा की गई है।
विभागीय कार्रवाई के तहत राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो सोनी कुमारी के विरुद्ध सबसे कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। वर्ष 2021 से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने, बार-बार स्पष्टीकरण मांगने के बावजूद जवाब नहीं देने तथा विभागीय कार्यवाही में शामिल नहीं होने के आरोप में उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है। वहीं सेवानिवृत्त अंचल अधिकारी नवीन भूषण पर दाखिल-खारिज मामलों में एफआईएफओ (FIFO) नियम का उल्लंघन, मनमाने तरीके से मामलों का निष्पादन तथा राजस्व वसूली में लापरवाही के आरोप सिद्ध होने पर एक वर्ष तक पेंशन में पांच प्रतिशत कटौती का दंड लगाया गया है।
मंत्री के निर्देश पर तत्कालीन राजस्व कर्मचारी मोहनपुर (गया) राजेश कुमार, तत्कालीन अंचल अधिकारी बरौली (गोपालगंज) प्रशांत कुमार, तत्कालीन अंचल अधिकारी किशनपुर (सुपौल) सुशीला कुमारी तथा तत्कालीन अंचल अधिकारी महुआ (वैशाली) मणि कुमार वर्मा के विरुद्ध भी आरोप पत्र गठित किए गए हैं। इन अधिकारियों पर दाखिल-खारिज मामलों में पिक एंड चूज नीति अपनाने, एफआईएफओ नियम की अनदेखी करने, लंबित मामलों को जानबूझकर रोके रखने, अनधिकृत अनुपस्थिति तथा विभागीय आदेशों की अवहेलना करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मधुबनी के तत्कालीन अंचल अधिकारी अभय कुमार के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है। उन पर जुलाई 2025 में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए जाने का मामला दर्ज है। इसके अलावा भोजपुर के राजस्व अधिकारी दयाशंकर झा के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है। उन पर सिपाही भर्ती परीक्षा में प्रतिनियुक्ति के दौरान शराब के नशे में पाए जाने का आरोप है। वहीं कैमूर की तत्कालीन अंचल अधिकारी शशि सिंह को विभागीय जांच के बाद भविष्य के लिए चेतावनी दी गई है।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार, लापरवाही, मनमानी और जनता के कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 23 अंचल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद अब तक कुल 32 अंचल एवं राजस्व अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई हो चुकी है, जिसे विभाग की सबसे बड़ी जवाबदेही मुहिम माना जा रहा है।