गांजा और स्मैक तस्करी पर सख्ती, लखीसराय में एनसीओआरडी की समीक्षा बैठक

  • Post By Admin on Jul 27 2026
गांजा और स्मैक तस्करी पर सख्ती, लखीसराय में एनसीओआरडी की समीक्षा बैठक

लखीसराय : जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम और नशा मुक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में नारकोटिक्स समन्वय समिति (NCORD) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशीले पदार्थों के विरुद्ध चल रही कार्रवाई, जन-जागरूकता अभियान और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की विस्तार से समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में जिले में मादक पदार्थों से जुड़े तीन मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 34.155 किलोग्राम गांजा और 19 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की गई थी। वहीं वर्ष 2026 में अब तक आठ मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 34.608 किलोग्राम गांजा और 225.88 ग्राम स्मैक जब्त की गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मादक पदार्थों से संबंधित किसी भी सूचना पर पुलिस और संबंधित विभाग तत्काल समन्वित कार्रवाई करें तथा सूचना तंत्र को और मजबूत बनाया जाए। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों को लेकर नियमित जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। साथ ही कृषि, वन, मद्यनिषेध और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित कर मादक पदार्थों की पहचान, जब्ती, प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देने को कहा।

बैठक में चिकित्सा विभाग को जिले के नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्था सुदृढ़ करने, पर्याप्त चिकित्सकों की उपलब्धता, स्वच्छता, मरीजों के समुचित उपचार और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं जीविका दीदियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नशा मुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना स्थानीय पुलिस को देने पर भी विशेष बल दिया गया। समीक्षा के दौरान यह निर्णय लिया गया कि भारत सरकार की Assistance to States/UTs for Narcotics Control Scheme तथा National Fund for Control of Drug Abuse (NFCDA) के तहत उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। साथ ही फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की क्षमता बढ़ाने, कानून प्रवर्तन एजेंसियों को प्रशिक्षित करने, अवैध अफीम एवं गांजा की खेती वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक विकास कार्यक्रम चलाने तथा जिले के नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया, पोस्टर, होर्डिंग और अन्य जनसंचार माध्यमों के जरिए नशा मुक्ति अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि समाज में जागरूकता बढ़े और युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके। बैठक में पुलिस अधीक्षक, एनसीओआरडी के नोडल पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।