10 घंटे तक साइबर ठगों के जाल में फंसा परिवार, बेटे ने ऐसे पलट दी पूरी बाजी
- Post By Admin on Apr 11 2026
बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में साइबर ठगों द्वारा ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर की जा रही ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने एक व्यापारी दंपति को आतंकी गतिविधियों में फंसाने का डर दिखाकर करीब 10 घंटे तक वीडियो कॉल के जरिए मानसिक रूप से बंधक बनाए रखा। हालांकि दंपति के आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे की सूझबूझ से ठगों की पूरी साजिश नाकाम हो गई।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के सुरखा बानखाना निवासी व्यापारी संजय सक्सेना को एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को एक जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए आरोप लगाया कि उनका मोबाइल नंबर आतंकवादी गतिविधियों और करोड़ों रुपए के घोटाले में इस्तेमाल हुआ है। दहशत फैलाने के लिए ठग ने पुलिस की वर्दी में वीडियो कॉल की और फर्जी गिरफ्तारी वारंट भी दिखाया।
इसके बाद साइबर ठगों ने दंपति को लगातार वीडियो कॉल पर बनाए रखा और उन्हें घर से बाहर न जाने तथा हर गतिविधि कैमरे के सामने करने की शर्त रखी। ठगों ने इस दौरान दंपति से उनके बैंक खातों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी हासिल कर ली थी और खातों से पैसे निकालने की तैयारी कर रहे थे।
इसी बीच दंपति के आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे तन्मय को पूरी घटना पर संदेह हुआ। उसने अपने पिता को समझाने का प्रयास किया, लेकिन डर के कारण वे उसकी बात नहीं मान सके। देर रात तन्मय ने साहस दिखाते हुए मोबाइल फोन को ‘एयरप्लेन मोड’ पर कर दिया, जिससे ठगों से संपर्क टूट गया और खातों से पैसे निकलने से बच गए। अगले दिन परिवार प्रेमनगर थाने पहुंचा। जब फोन दोबारा चालू किया गया तो ठगों की फिर कॉल आई, जिसे पुलिस ने उठाया और सख्ती से जवाब दिया।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वीडियो कॉल या धमकी भरे फोन से घबराएं नहीं और तुरंत पुलिस को सूचना दें। साथ ही अपनी बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।