संघ भारत का सबसे बड़ा संगठन, समाज को जोड़ने की कोशिश स्वागतयोग्य : मौलाना शहाबुद्दीन

  • Post By Admin on Aug 29 2025
संघ भारत का सबसे बड़ा संगठन, समाज को जोड़ने की कोशिश स्वागतयोग्य : मौलाना शहाबुद्दीन

बरेली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के हालिया बयानों और लेखों को लेकर कई मुस्लिम संगठनों में मतभेद होने के बीच ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी उनके समर्थन में सामने आए हैं।

मौलाना रजवी ने कहा कि संघ भारत का सबसे बड़ा संगठन है और समाज को जोड़ने की दिशा में इसके प्रयासों का स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने डॉ. भागवत को भारत की महान शख्सियत और विद्वान व्यक्ति बताते हुए कहा कि उनके विचार देश में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि भागवत ने पहले भी कहा था कि “हर मस्जिद के नीचे मंदिर मत तलाशो” और हाल ही में दिल्ली के विज्ञान भवन में दोहराया कि “हर जगह शिवलिंग मत तलाशो”। मौलाना के मुताबिक, इस तरह की सोच समाज में आपसी सहयोग और सभी धर्मों के साथ सहअस्तित्व का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख की यह सकारात्मक सोच हिंदू-मुस्लिम तनाव को कम करने में मदद करेगी।

रजवी ने यह भी कहा कि उपद्रव फैलाने वाले संगठनों पर अंकुश लगेगा और देश में सौहार्दपूर्ण वातावरण कायम रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि नफरत और टकराव से न व्यक्ति, न समाज और न ही देश आगे बढ़ सकता है। सभी समुदायों को मिलजुलकर रहना होगा।

मौलाना ने हाल के वर्षों की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कई जगह मस्जिदों, मदरसों और मजारों को असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया, जिससे तनाव की स्थिति बनी और सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा। संघ प्रमुख के विचारों से मुसलमानों में यह उम्मीद जगी है कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगेगी।

उन्होंने दोहराया कि देश की भलाई आपसी भाईचारे और सहयोग से ही संभव है और यदि भागवत जी के संदेश को गंभीरता से लिया जाए तो भारत की एकता और तरक्की और मजबूत होगी।