वृक्षारोपण अभियान बनाम पेड़ों की कटाई, लखीसराय में पर्यावरण पर बड़ा सवाल

  • Post By Admin on Jul 17 2026
वृक्षारोपण अभियान बनाम पेड़ों की कटाई, लखीसराय में पर्यावरण पर बड़ा सवाल

लखीसराय : वित्तीय वर्ष 2026-27 में लखीसराय जिले में व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने की तैयारी की गई है। जिला विकास शाखा और वन प्रमंडल द्वारा तैयार कार्ययोजना के तहत सड़क किनारे, नहर तट, पंचायतों, विद्यालयों, सरकारी संस्थानों तथा किसानों की निजी भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। इस संबंध में विभागीय कार्ययोजना तैयार कर अनुमोदन के लिए संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है।

दस्तावेजों के अनुसार, 28 जून 2026 को चानन प्रखंड के कुंदर पंचायत में आयोजित पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री-सह-प्रभारी मंत्री, लखीसराय के निर्देश पर वन प्रमंडल ने विस्तृत पौधारोपण योजना तैयार की। जिला पदाधिकारी के माध्यम से इसे स्वीकृति के लिए अग्रसारित किया गया है। योजना के तहत जयनगर मोड़ से बिचपुलिया चौक, कजरा-उरैन पथ, संसार पोखर, केंद्रीय विद्यालय परिसर, पिपरिया रेल क्षेत्र, पतनेर-अलीनगर पथ, हलसी-मतनपुर पथ, चोरगांवली-बेदापुर पथ तथा गेरुआ-बिहरा पथ सहित कई प्रमुख सड़कों के किनारे गम्हार, बांस समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। वहीं मुख्य नहर, रामगढ़ शाखा नहर, शर्मा, हलसी, हसनपुर और नंदियावां डिस्ट्रीब्यूटरी सहित विभिन्न सिंचाई नहरों के तटों पर भी वृक्षारोपण का प्रस्ताव है।

जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत प्रत्येक पंचायत में जीविका दीदियों और मनरेगा के माध्यम से पौधारोपण कराया जाएगा। कृषि वानिकी योजना के अंतर्गत किसानों को निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराकर उनकी निजी भूमि पर वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा विद्यालयों, महाविद्यालयों, आईटीआई, स्वयंसेवी संस्थाओं और विद्यार्थियों के बीच पौधों का वितरण कर हरियाली बढ़ाने की योजना है।

हालांकि, इस महत्वाकांक्षी योजना के बीच जिले में हरे-भरे पेड़ों की कथित कटाई को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक ओर कागजों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण की योजनाएं बनाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर कई स्थानों पर हरे पेड़ों की कटाई जारी है। कुछ लोगों का दावा है कि एनएच-80 के किनारे टोल प्लाजा के पास सड़क किनारे लगे पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिन्हें वन विभाग ने ही पूर्व में लगाया था।

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जिले में बिना पंजीकरण के कई आरा मिल संचालित हो रहे हैं और अवैध लकड़ी कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। कबैया रोड को भी अवैध लकड़ी कारोबार का प्रमुख केंद्र बताया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रस्तावित पौधारोपण अभियान के साथ-साथ मौजूदा हरित संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन और वन विभाग के सामने एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।