'उगते सूरज' थीम से सजे जिले के 17 मॉडल स्कूल, नीट-जेईई की भी होगी तैयारी
- Post By Admin on Jul 17 2026
मुजफ्फरपुर : जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं को नया स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इसी कड़ी में जिले के 17 मॉडल स्कूलों का कायाकल्प पूरा कर लिया गया है। राज्य सरकार की नई व्यवस्था के तहत सभी मॉडल स्कूलों को एक समान पहचान देने के लिए भवनों को 'उगते सूरज' थीम के अनुरूप केसरिया रंग और कथई बॉर्डर से रंगा गया है। साथ ही सभी विद्यालयों में समान ड्रेस कोड और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था लागू की जा रही है। राज्यभर के मॉडल स्कूलों का एक साथ उद्घाटन 19 जुलाई को प्रस्तावित है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा ने बताया कि जिला स्कूल और मुखर्जी सेमिनरी सहित जिले के सभी 17 चयनित मॉडल स्कूलों का रंग-रूप पूरी तरह बदल दिया गया है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी विद्यालयों की इमारतों का डिजाइन, रंग और बाहरी स्वरूप एक समान रखा गया है। विद्यार्थियों के लिए भी एक समान ड्रेस कोड अनिवार्य किया गया है, ताकि सभी मॉडल स्कूलों की एक अलग और समान पहचान स्थापित हो सके।
मॉडल स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाया गया है। पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। हाल ही में तुर्की शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में उन्हें लेसन प्लान आधारित शिक्षण पद्धति की जानकारी दी गई, जिससे कक्षाओं में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी बढ़े और सीखने की गुणवत्ता में सुधार हो। विद्यालयों के बेहतर संचालन और शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित निगरानी के लिए जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति गठित की गई है। यह समिति प्रत्येक सप्ताह विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगी, ताकि तय मानकों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था संचालित हो सके।
इसके अलावा मॉडल स्कूलों में नियमित पढ़ाई के साथ बिहार बोर्ड के माध्यम से नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों और सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। 19 जुलाई को राज्यभर में इन मॉडल स्कूलों के सामूहिक उद्घाटन के साथ इस नई व्यवस्था की औपचारिक शुरुआत होगी।